अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। जलस्तर बढ़ने से 12 गांवाें में फसलें डूब गई हैं। जगह-जगह कटान तेजी से बढ़ रहा है। गंगा में बुधवार को फिर बिजनौर बैराज से 1.94 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे जलस्तर में और इजाफा होगा। डीएम श्रुति और एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने तटीय क्षेत्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
पिछले कई दिन से बिजनौर गंगा बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा था। बुधवार को पानी खादर से होता हुआ खेतों में पहुंच गया। गंगा किनारे बसे 12 गांवों रूढ़ बांगर, शेरपुर बांगर, हसनपुर, सिरोरा, जाफराबाद, बच्ची खेड़ा और तोरई समेत अन्य के खादर क्षेत्र से पानी खेतों में पहुंच गया। इससे फसलें डूब गई हैं।
अहार और अनपूशहर में कई जगह कटान तेजी से बढ़ गया। अनूपशहर स्थित गंगा घाट पूरी तरह डूब गए हैं। डीएम श्रुति ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण कर एसडीएम प्रियंका गोयल समेत संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी हासिल की। डीएम ने किसानों को बताया कि उनकी खराब हुई फसलों का सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने जहां कटान हो रहा है, उसे रोकने के निर्देश दिए हैं। डीएम को गांव जाफराबाद, तोरई और बच्ची खेड़ा गांवों के किसानों ने फसल नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से घाटों व खादर की ओर न जाने की अपील की है।
सिंचाई विभाग ड्रेनेज के जेई उमेश कुमार ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। विभाग पूरी तरह से सतर्क है। मोहल्ला मदार गेट में मल्लाह बस्ती के नीचे गंगा ने 4-5 फुट तक कटाव कर दिया है। स्थानीय निवासी चिंतित हैं। सिंचाई विभाग ने इस संबंध में शासन को एस्टीमेट भेज दिया है। वहीं, खेतों में 2-3 फीट पानी भरा होने पर किसानों को फसलों की चिंता सताने लगी है। किसान यूनियन ने फसल सर्वेक्षण और मुआवजे की मांग की है। एसडीएम अनूपशहर प्रियंका गोयल ने बताया कि बाढ़ चौकियां अलर्ट पर हैं। सभी लेखपाल और तहसील कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। गंगा के बढ़ रहे जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नरौरा बैराज पर जलस्तर मीडियम फ्लड की श्रेणी में
नरौरा बैराज पर नदी का जलस्तर मीडियम फ्लड की श्रेणी में है। बैराज पर पानी की कुल आवक 18,45,990 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो रही है। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में पानी में भरी सिल्ट आने के कारण करीब पांच हजार क्यूसेक पानी की निकासी कम की गई है। बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बुधवार को बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 172128 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। मंगलवार को बैराज से 1,69,626 क्यूसेक पानी की निकाई की जा रही थी। एलजीसी नहर में 6038 एवं पीएलजीसी नहर में 6433 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। साथ ही जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
चिकित्सकों की टीम को किया सक्रिय
सीएमओ डाॅ. सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद क्षेत्र के आसपास के सभी सरकारी चिकित्सालयों के स्टाफ को सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही कंट्रोल रूम पर 10 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो सूचना मिलने पर चिकित्सकों को तत्काल मौके पर भेजने का काम करेंगे। इसके अलावा जरूरी दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए गए हैं।