बुलंदशहर। बच्चों को डिप्थीरिया की बीमारी से बचाने के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। खुर्जा ब्लॉक क्षेत्र के पांच स्कूल संचालकों ने बच्चों काे टीका लगवाने से ही इन्कार कर दिया। इसके कारण संबंधित स्कूलों के बच्चे टीकाकरण से छूट जाएंगे। विभागीय अफसरों ने इस मामले की जानकारी उच्च अफसरों को दी है। अगर स्कूल संचालक नहीं माने तो स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर बीएसए या डीआईओएस से कार्रवाई की मांग की जाएगी।
सभी सरकारी चिकित्सालयों में डिप्थीरिया से बचाव के लिए बच्चों को नियमित टीकाकरण किया जाता है। इसके बाद भी कुछ बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं, जिस कारण उन्हें डिप्थीरिया होने का खतरा रहता है। खुर्जा ब्लॉक क्षेत्र में वित्तीय वर्ष में करीब 15 डिप्थीरिया के केस मिले थे। ऐसे में खुर्जा ब्लॉक क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। ऐसे में शासन के निर्देश पर बच्चों को डिप्थीरिया से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग छह दिवसीय विशेष अभियान चला रहा है। इसके माध्यम से पांच वर्ष की उम्र के ऐसे बच्चे, जिनका पूर्व में किसी भी कारण से डीपीटी का टीका लगने से छूट गए थे, 10 वर्ष व 16 वर्ष की आयु पर लगने वाले टीडी के टीके से छूटे बच्चों का टीकाकरण किया जाना है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. हरेंद्र बंसल ने बताया शासन के आदेश पर कक्षा एक, पांच और कक्षा 10 में पढ़ने वाले सभी बच्चों को डिप्थीरिया से बचाव का टीका लगाया जाएगा। यह टीका उन बच्चों को भी लगाया जाएगा, जिन्हें पूर्व में भी लग चुका है। बच्चों के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत टीम को स्कूल संचालकों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। खुर्जा ब्लॉक क्षेत्र के पांच स्कूल संचालकों ने 26 एवं 27 सितंबर को चले अभियान के तहत बच्चों का टीकाकरण कराने से मना कर दिया। टीकाकरण के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों से वापस आ गई। अभियान की जानकारी की तो हकीकत सामने आई।
कोट
मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित स्कूल संचालकों से वार्ता करने का प्रयास किया जा रहा है। एक स्कूल संचालक राजी भी हो गए हैं। यदि स्कूल संचालक टीकाकरण से मना करते है तो संबंधित को नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभाग से कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ