बुलंदशहर। खुर्जा निवासी आठ वर्षीय बच्चे ने खेल-खेल में पांच रुपये का सिक्का मुंह में डाल लिया। जो बच्चे के गले में खाने की नली के पास जाकर अटक गया। बच्चे ने यह जानकारी परिजनों को दी तो परिजन उसे लेकर पहले खुर्जा के जटिया चिकित्सालय पहुंचे। यहां से बच्चे को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के नए चिकित्सालय की इमरजेंसी से मासूम को हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे नोएडा के एक सरकारी चिकित्सालय के लिए रवाना हो गए।
खुर्जा के किश्वागढ़ी निवासी रोहित ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर आठ वर्षीय पुत्र रिशु को 10 रुपये का नोट देकर एक बिस्कुट का पैकेट मंगवाया। बेटा दुकान से पांच रुपये का बिस्कुट का पैकेट और पांच रुपये का सिक्का लेकर घर आ रहा था। घर आने से पूर्व रिशु ने सिक्के को मुंह में ले रखा था। जो अचानक से उसके मुंह के अंदर चला गया। गले में दर्द होने और बार-बार खांसी आने पर रोता हुआ घर आया। घर आने पर उसने सिक्का मुंह के अंदर चले जाने की जानकारी दी। जिसे लेकर खुर्जा जटिया चिकित्सालय पहुंचे। यहां से बेटे को बुलंदशहर कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के नए चिकित्सालय की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने पांच रुपये का सिक्का एक्सरे रिपोर्ट देख खाने की नली के पास अटकना बताया। इमरजेंसी से बेटे को हायर मेडिकल सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद शाम को परिजन उसे नोएडा के कांशीराम चिकित्सालय में ले गए।
एंडोस्कोपी की नहीं है सुविधा
नगर समेत जिलेभर में समय-समय पर बच्चों से लेकर किशोर के सिक्का अटकने के मामले सामने आते रहते है। लेकिन एंडोस्कोपी की सुविधा जिले के एक भी सरकारी चिकित्सालय में न होने पर पीड़ित को हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया जाता है। जून माह में अनूपशहर निवासी मासूम ने सिक्का अटक लिया। जिसे दिल्ली जाकर इलाज मिल सका। यदि भविष्य में सिक्का आहार और सांस नली के बीच फंस गया और समय पर इलाज नहीं मिला तो किसी की जान भी जा सकती है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीर सिंह का कहना है कि आठ वर्षीय मासूम के गले में पांच रुपये का सिक्का अटक जाने पर परिजन उसे इमरजेंसी लेकर पहुंचे। जिसकी हालत गंभीर देख हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया।