बुलंदशहर। जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बृहस्पतिवार को जिले में संचालित उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान 41 से अधिक दुकानों का निरीक्षण किया और 21 उर्वरक के सैंपल लिए। बताया कि लिए गए सभी उर्वरक के सैंपल लैब जांच के लिए भेज दिए हैं।
इनकी लैब से रिपोर्ट मिलने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने, अमानक, नकली और मिलावटी उर्वरकों के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से निरीक्षण अभियान चलाया गया।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न थोक व खुदरा उर्वरक प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया गया। गुणवत्ता परीक्षण के लिए उर्वरकों के नमूने विधिवत ग्रहण कर अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को केवल मानक गुणवत्ता के उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जांच में यदि कोई नमूना अमानक, नकली अथवा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता व फर्म के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही समस्त उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे केवल प्रमाणित व मानक गुणवत्ता वाले उर्वरकों का ही भंडारण और विक्रय करें। प्रत्येक बिक्री पर किसानों को अनिवार्य रूप से पक्का बिल उपलब्ध कराएं।
उन्होंने किसानों से भी अपील की गई है कि वे अधिकृत प्रतिष्ठानों से ही उर्वरक खरीदें और पक्का बिल अवश्य लें। किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें। इस तरह का निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।