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बुखार से मचा हाहाकार, मासूम समेत पांच लोगों की मौत

Sun, 11 Sep 2016 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
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अस्पताल में भर्ती बुखार से पीड़ित मरीज। - फोटो : amar ujala
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बुखार का कहर दिन प्रतिदिन भयावह होता जा रहा है। बुखार से शनिवार को दो मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई। जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा अब 48 हो गया है। तीन मौत खुर्जा के अलग-अलग गांवों में हुई तो एक मौत बीबीनगर व एक बुगरासी क्षेत्र में हुई।
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मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग का कोई अफसर गांव नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। शनिवार को खुर्जा क्षेत्र के गांव सनेता में 22 वर्षीया महिला आशा पत्नी रिंकू, गांव हजरतपुर निवासी काले (48) पुत्र पूरन और हाजीपुर भटोला निवासी वशीर के चार वर्षीय पुत्र वसीम की बुखार से मौत हो गई।

वसीम विगत पांच दिनों से बीमार था। परिजनों ने उसे मेरठ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बीती रात उपचार के दौरान वसीम ने दम तोड़ दिया। सनैता भाईपुर निवासी विवाहिता आशा (22) पत्नी रिंकू पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रही थीं। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें दिल्ली लेकर गए, जहां शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई।
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हजरतपुर निवासी काले (44) की बुखार से शुक्रवार रात मौत हो गई। वहीं, बुगरासी के बसीबांगर गांव में भी बुखार से अर्जुन सिंह के दो माह के पुत्र की मौत हो गई। गांव में बुखार के प्रकोप को देखते हुए स्याना विधायक दिलनवाज खान ने सीएमओ से बातकर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगवाने की बात कही है।

लगातार हुई मौतों के बाद भी स्वास्थय विभाग सो रहा है।
वहीं, बीबीनगर कस्बा निवासी चंपत सिंह जाटव का 25 वर्षीय पुत्र ललित पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था, जिसका निजी चिकित्सक के यहां इलाज चल रहा था। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर परिजन ललित को हापुड़ ले जा रहे थे कि रास्ते में ही ललित ने दम तोड़ दिया। ललित की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।

अपंजीकृत चिकित्सक भी जमकर चांदी काट रहे हैं। एक-एक मरीज का बिल पांच से 10 हजार रुपये तक बनाया जा रहा है। लगातार हुई मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की तंद्रा नहीं टूटी है। गांव में कैंप नहीं होने से अपंजीकृत चिकित्सक मरीजों को उल्टी-सीधी दवाएं भी दे रहे हैं।

वहीं, गांवों में कैंप को पहुंच रहीं स्वास्थ्य टीमें पर्याप्त दवा भी लेकर नहीं जा रही हैं। क्षेत्र के गांव चंदेरू की प्रधान शबाना बेगम ने बताया कि गांव में हजारों लोग बीमारी की चपेट में हैं। गांव में आ रही स्वास्थ्य टीम बहुत कम दवा लेकर पहुंच रही हैं, जिसके कारण सभी मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही हैं।

मौत की नींद सुला रहा बुखार
बुखार का कहर जनपद में तेजी से बढ़ रहा है। अब तक 43 लोग बुखार की चपेट में अपनी जान गवां चुके थे तो शनिवार को पांच और मौत होने से यह आंकड़ा 48 पहुंच गया है। बुखार लोगों को मौत की नींद सुला रहा है तो स्वास्थ्य अफसर हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। गांवों में कैंप तो लगाए जा रहे हैं, लेकिन सिवाय खानापूर्ति के कुछ नहीं किया जा रहा है।
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बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो जांच कराया जाएगा। गांव में कैंप लगाकर मरीजों का उपचार किया जाएगा। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
 
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