महिला कोच में सफर फिरोजाबाद के परिवार को बहुत भारी पड़ा। जीआरपी ने उतारा तो अफरातफरी में बेटे को ट्रेन से उतारना भूल गई। ट्रेन के चलने पर याद आया तो बदहवास मां ट्रेन के पीछे काफी दूर तक दौड़ती रही ।
रेल अफसरों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दी। अगले स्टेशन पर रेल कर्मियों ने बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया। करीब एक घंटे बाद जब कर्मचारी बच्चे को लेकर जंक्शन स्टेशन पहुंचे तो पीड़ित परिवार की जान में जान आई।
मंगलवार को फिरोजाबाद निवासी अजीज अपने परिवार के साथ टीएडी पैसेंजर ट्रेन के महिला कोच में बैठ कर दिल्ली जा रहे थे। करीब दस बजे जंक्शन स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन रुकते ही आरपीएफ ने महिला कोच में चेकिंग शुरू कर दी।
महिला कोच में अजीज को देखकर आरपीएफ ने उसे फटकार लगाई और नीचे उतार दिया। अजीज के साथ ही उसकी पत्नी सब्बो, बेटी सोनम, गुड़िया, बेटा अरमान, सलमान सहित परिवार के सभी लोग स्टेशन पर उतर गए।
उतरने की हड़बड़ी में सब्बो ट्रेन में सोते हुए अपने एक साल के बेटे बाबू को बोगी में ही भूल गई। जब तक उसे याद आया, ट्रेन स्टेशन से रवाना हो चुकी थी। ट्रेन को पकड़ने के लिए सब्बो काफी दूर तक दौड़ती रही। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
हंगामा होते देख रेलवे के एसएस पीके गुप्ता ने तत्काल कंट्रोल रूम को मामले की सूचना दी। अगले स्टेशन सिकंदरपुर पर ट्रेन के रुकते ही रेलवे कर्मियों ने महिला कोच से बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया।
करीब एक घंटे बाद जब कर्मचारी बच्चे को लेकर खुर्जा जंक्शन पर पहुंचे तो उनके हाथ में बच्चे को देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। सब्बो की गोद में आकर बच्चा खिलखिलाने लगा। कर्मचारियों ने बताया कि ट्रेन में बच्चा सोता रहा। सिकंदरपुर स्टेशन पर उतारने के दौरान उसकी नींद खुली। उसके बाद वह रोने लगा।