बुलंदशहर। जिस फर्म ने अधीक्षण अभियंता और बाबू की रिश्वतखोरी की शिकायत की थी, उसे दो साल के लिए काली सूची में डाल दिया गया है। साथ ही डिबाई खंड में मार्च 2024 में डाले गए टेंडर के कार्य पूरा न करने पर फर्म के साथ सभी अनुबंध को निरस्त कर दिया गया है। अनुबंध के मुताबिक कार्य न करने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि निलंबित होने से पहले ही अधीक्षण अभियंता ने फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया था।
आगरा जिले की फर्म ओम श्री साईं राम एंटरप्राइजेज की ओर से डिबाई खंड में विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए टेंडर डाले गए थे। मार्च 2024 को विभाग ने फर्म के साथ कार्य करने के लिए अनुबंध किया था। आरोप है कि अनुबंध करने के बाद भी समयावधि में कार्य पूरा नहीं किया गया। इसके चलते बार-बार कार्यदायी संस्था के पते पर पत्राचार किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
जनवरी 2025 में पुष्पेंद्र चौधरी नामक ठेकेदार ने खुद को फर्म का प्रतिनिधि बताते हुए एमडी को शिकायत भेजी और आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता व बाबू की ओर से टेंडर के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही है। मामले में ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि पुष्पेंद्र चौधरी न तो फर्म का प्रतिनिधि है और न ही किसी अन्य फर्म पर सर्किल में कार्य कर रहा है।
शिकायत के आधार पर एमडी ने अधीक्षण अभियंता और बाबू को निलंबित करते हुए सहारनपुर अटैच कर दिया था। बताया जा रहा है कि एमडी की कार्रवाई से पहले ही अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार निर्मल ने 22 फरवरी 2025 को फर्म को दो साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया था।
डिबाई खंड के अनुबंध भी किए निरस्त
ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डिबाई खंड में मार्च 2024 के दौरान विभिन्न कार्यों के लिए किए गए अनुबंध को भी निरस्त कर दिया है। साथ ही ठेकेदार की ओर से जमा की गई सुरक्षा धनराशि को भी जब्त करने के आदेश दिए हैं।
कार्रवाई के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मेरे कार्यकाल से पहले अधीक्षण अभियंता की ओर से पत्र जारी किया गया होगा। - संजीव कुमार, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम