खुर्जा।
नगर में स्थित जटिया अस्पताल में करीब सवा दो करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए शासन की ओर से यूपीपीसीएल को जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 90 लाख रुपये की पहली किस्त कंपनी को भेज दी गई है। कंपनी की ओर से इस महीने कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बुलंदशहर में जिला अस्पताल के बाद खुर्जा स्थित राजकीय जटिया चिकित्सालय ही सबसे बड़ा अस्पताल है। अस्पताल में पांच चिकित्सकों की ओपीडी चलती है। इमरजेंसी सेवा के साथ-साथ 70 बेड के तीन वार्ड भी उपलब्ध हैं, जिसमें 40 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा है। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और सिटी स्कैन की भी सुविधा है। इसके अलावा अस्पताल में 100 बेड युक्त डेडिकेटेड कोविड वार्ड भी हैं। अस्पताल परिसर में वार्ड, ओपीडी, सिटी स्कैन कक्ष, जांच कक्ष समेत करीब आठ से अधिक भवन हैं, जिनमें आग बुझाने के लिए ना ही कोई यंत्र हैं और न ही मशीनें लगी हैं। इसी के चलते अस्पताल प्रबंधन की ओर से अग्निशमन यंत्र व उपकरणों के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी मंजूरी मिल गई थी। इसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से यूपीपीसीएल को पूरे अस्पताल परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके लिए सवा करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी मिल गई है। यह धनराशि अस्पताल प्रबंधन द्वारा कंपनी को दी जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने पहली किस्त की धनराशि कंपनी को भेज दी है। अग्निशमन उपकरण लगने के बाद अस्पताल में किसी भी प्रकार की आगजनी की घटना के दौरान परेशानी नहीं होगी। अस्पताल में मौजूद मरीज और स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित रहेंगे।
सीएमएस डॉ. अनिल शर्मा ने कहा कि करीब सवा दो करोड़ रुपये की लागत से फायर फाइटिंग सिस्टम लगेगा। इसके लिए 90 लाख रुपये की पहली किस्त कंपनी को दे दी गई है। कंपनी की ओर से इस माह के अंत से काम शुरू कर दिया जाएगा। करीब दो महीने में सभी जगह उपकरण लग जाएंगे। सभी जगह पाइपलाइन बिछाई जाएगी और सेंसर भी लगेंगे।