इस दौरान सुफियान जान बचाने के लिए भागे तो आरोपियों ने स्कॉर्पियो से टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अकरम भी लहूलुहान हालत में वहीं गिर गए। इसके बाद आरोपी उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर भाग गए। आरोप है कि वह अकरम की लाइसेंसी पिस्टल और दोनों भाइयों के मोबाइल फोन भी लूटकर ले गए।दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सूफियान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल अकरम का उपचार चल रहा है।
छावनी में बदला शहर
सोमवार को जब सुफियान का सव पोस्टमार्टम के बाद घर लाया गया तो भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले यह भीड़ी जिला अस्पताल के बाहर एकत्रित थी। स्थिति को देखते हुए एक एसपी, चार सीओ और कई धानों की फोर्स तैनात की गई। कोई अनहोनी न होने पाए, इसके लिए डीन से नजर रखी गई। अधिकारी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते नजर आए।
भीषण जाम लगा
सुक्रियान के साथ को सोमवार दोपहर करीब दो बजे घर से आवास विकास स्थित कब्रिस्तान ले जाने के लिए जनाजा निकाला गया। इस दौरान दो से तीन हजार लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पहले कचाड़ी चाजार चौराहे पर जनाजा रखकर नमाज अता की गई। इसके बाद गांधी चौक, बुरा बाजार, शास्त्री पार्क, चारखंभा चौराहा होते हुए कब्रिस्तान ले जाया गया। बुरा बाजार चौराहे पर ट्रैफिक रोक दिया गया। इससे स्याना बस अड्डा और मोतीबाग तिराहे तक वाहनों की कतारें लग गई।
राजनैतिक पृष्ठभूमि से है पीड़ित परिवार
सूफियान का परिवार राजनैतिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है। उनके चाचा हाजी अलीम बसपा के टिकट पर वर्ष 2007 व वर्ष 2012 में विधायक रह चुके थे। अक्तूबर 2018 में घर के अंदर गीली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। सुफियान के दूसरे चाचा हाजी यूनुस सदर ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। मौजूदा समय में उनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में हाजी यूनुस ने सदर सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन पर भी चार वर्ष पूर्व जानलेवा हमला ही चुका है।
तफ्तीश... जमीन की पैमाइश को लेकर हुआ था विवाद
बुलंदशहर। सुफियान की हत्या में भले ही घेरकर हमला करने व लूटपाट की तहरीर दी गई हो, लेकिन पुलिस की प्राथमिक जांच में खूनी संघर्ष का कारण 24 बीघा क्षेत्र में फैले बाग की पैमाइश का विवाद सामने आया है। पुलिस जांच में नशे में हुई कहासुनी को वारदात की मुख्य वजह माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली देहात क्षेत्र में हुई घटना की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सूफियान, अकरम और कादिर अली रविवार देर शाम नमाज पढ़ने निकले थे। इसके बाद तीनों नीमखेड़ा गांव के पास स्थित बाग के फ्रंट की पैमाइश करने पहुंच गए। यह बाग बिकाऊ बताया जा रहा है, जिसे खरीदने के लिए कई लोग लगे हैं।
इसी दौरान भाजपा नेता पिंटू चौधरी का भाई बबलू अपनी स्कॉर्पियो से वहां पहुंच गया। उसने सूफियान और अकरम से रात में पैमाइश करने का कारण पूछा। इसको लेकर दोनों भाइयों के साथ उसकी झड़प हो गई। इसके बाद उसने फोन करके गांव से अपने भाइयों पिटू व भूरा के अलावा तेजपाल व अन्य ग्रामीणों को बुला लिया। सभी बाइक से वहां पहुंचे।
शरीर पर 12 जख्म हड्डियां चकनाचूर
सोमवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सूफियान के शरीर पर 12 गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। हमलावरों ने इतनी बेरहमी से पीटा कि सुफियान के सिर की हड्डी चकनाचूर हो गई, जो मौत का मुख्य कारण बनी। हाथ, पैर, कंधे में पीछे की ओर और आंख के पास भी बोटें आई। घटनास्थल का मंजर भी बेहद खौफनाक था। संघर्ष के दौरान पौड़ित की कार के शीशे इंट पत्थरों से तोड़ दिए गए थे। उन्होंने पैमाइश को लेकर बातचीत शुरू की तो अकरम ने पिस्टल से हवाई फायर कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
सियासी रसूख और सोशल मीडिया पर उबाल घटना के बाद आरोपी भाजपा नेता पिंटू चौधरी के कई दिग्गज भाजपा नेताओं व जनप्रतिनिधियों के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। चर्चा है कि इसी सियासी रसूख के कारण आरोपी गांव में दबंगई करते थे।
जांच में पैमाइश के विवाद में वारदात होना सामने आया है। कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, भाजपा नेता सतेंद्र व अन्य आरोपी अभी फरार हैं। लूटी गई पिस्टल और मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच व स्थानीय पुलिस की टीमें जुटी हैं।
-दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी