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जातिसूचक जूते बेचने का मामलः पीड़ित बोला- कंपनी से आता है जूता, मैं केवल बेचता हूं

Wed, 06 Jan 2021 10:44 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
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पीड़ित नासिर - फोटो : अमर उजाला
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गुलावठी क्षेत्र में जातिसूचक शब्द लिखे हुए जूते बेचने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई है। पुलिस ने आरोपी बनाए गए दुकानदार नासिर के खिलाफ 153 ए धारा हटा ली है। पुलिस अब इस मामले को मारपीट का बता रही है। साथ ही हिरासत में लिए गए दुकानदार को भी पुुलिस ने छोड़ दिया है।

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गौरतलब है कि बजरंग दल के नगर संयोजक विशाल चौहान ने मंगलवार को गुलावठी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह जीटी रोड पर टाउन स्कूल के पास होटल के बराबर में जूते खरीदने गया था। उसने वहां देखा कि जूतों के नीचे जातिसूचक शब्द लिखा हुआ था। उसने इसका विरोध किया तो दुकानदार नासिर ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट की। पुलिस ने विशाल चौहान की तहरीर पर नासिर और अज्ञात जूते बनाने वाली कंपनी के खिलाफ 153 ए, 323 और धारा 504 के तहत रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने मंगलवार को ही दुकानदार को हिरासत में ले लिया था।

मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई और हिरासत में लिए गए दुकानदार को छोड़ दिया। एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गुलावठी थाने में एक युवक द्वारा एक दुकानदार के खिलाफ जातिसूचक शब्द लिखे जूते बेचने व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिस पर पुलिस द्वारा जांच की गई। जांच में 153 ए का अपराध होना नहीं पाया गया। उक्त प्रकरण केवल मारपीट का पाया गया, इसलिए एफआईआर में से धारा 153 ए को हटा दिया गया है। मारपीट के संबंध में जांच जारी है।
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कंपनी से आता है जूता, मैं केवल बेचता हूं : नासिर
दुकानदार नासिर ने बताया कि मैं जूता बनाने वाली कंपनी से जूता खरीदकर बेचता हूं। कंपनी मेरी नहीं है। मुझे जानकारी नहीं थी कि जूते पर किसी का नाम लिखा है या नहीं। हाल ही में मैने यह काम शुरू किया है। पुलिस मुझे जूते बनाने वाली कंपनी में गाजियाबाद लेकर गई थी। वहां जांच आदि करने के बाद छोड़ दिया गया।

एसपी सिटी से मिला आप का प्रतिनिधिमंडल
गुलावठी क्षेत्र में एक जूता व्यापारी पर जातिसूचक लिखे जूता बेचने पर मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसे निरस्त कराने की मांग को लेकर बुधवार को आम आदमी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी से मिला। पार्टी के जिला महासचिव शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गुलावठी क्षेत्र में मंगलवार को जूता विक्रेता नसीर के खिलाफ जातिसूचक ब्रांड नाम से जूता बेचे जाने पर 323, 504, 153 ए आईपीसी की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई।

बताया कि जूता विक्रेता गरीब परिवार से है और संबंधित ब्रांड की कंपनी से जूता खरीदकर बेचने का काम करता है। संबंधित कंपनी के पास कंपनी के नाम से जूते बनाने की अनुमति है। व्यापारी द्वारा जातिसूचक ब्रांड से जूता बेचकर कोई द्वेष भावना आहत नहीं की गई है। संजय मित्तल और अधिवक्ता जावेद ने बताया कि जिले में काफी संख्या में जातिसूचक प्रतिष्ठान हैं और उनके नाम के रैपर, थैले आदि इस्तेमाल होते हैं। एसपी सिटी ने संबंधित रिपोर्ट को निरस्त कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान अधिवक्ता रवि, कासिम, रोहित प्रजापति, ओमवीर लोधी, अरविंद और नरेश प्रताप आदि मौजूद रहे।

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