बेटी की शादी के लिए पौधे लगे गमलों को बनाया कार्ड
बुलंदशहर। धरती का आभूषण कहे जाने वाले हरे पेड़ों का कटान जहां लोग धड़ल्ले से कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपना सब कुछ इनको बचाने के लिए समर्पित कर रहे हैं। ऐसे ही एक पर्यावरण प्रेमी अपनी बेटी की शादी के लिए कार्ड की जगह पौधे लगे गमलों से निमंत्रण का संदेश दे रहे हैं। यह वैवाहिक निमंत्रण कार्ड चर्चा का विषय बना हुआ है। पर्यावरण प्रेमी अब तक नगर में 200 से अधिक लोगों को गमलों पर निमंत्रण संदेश लिखकर दे चुके हैं।
नगर के रेसकोर्स कॉलोनी निवासी प्रवीण कुमार पुत्र सुरेंद्र पाल सिंह तेवतिया पर्यावरण प्रेमी हैं। दो वर्ष पूर्व प्रवीण कुमार ने नर्सरी लगाकर बिजनेस शुरू किया था। गत वर्ष कोरोना काल के दौरान जब सब कुछ ठहर गया तो मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से पर्यावरण में बदलाव देखने को मिला। इससे प्रभावित होकर प्रवीण कुमार ने पर्यावरण को बचाने के लिए समाज हित में नई पहल शुरू की। उन्होंने नर्सरी में जितने भी पौधे बिक्री के लिए रखे थे, उन्हें लोगों को भेंट करने का प्रण लिया। प्रवीण कुमार अपने खर्चे से नर्सरी में पौधे तैयार करते हैं और पर्यावरण बचाने के लिए उन्हें लोगों को निशुल्क देते हैं।
पत्नी ने दी गमलों से निमंत्रण संदेश देने की सलाह
प्रवीण कुमार ने बताया कि गमलों से निमंत्रण संदेश देने की सलाह पत्नी अर्चना ने दी। उन्होंने कहा कि शादी के कार्ड पर अक्सर लोग मोटा पैसा खर्च करते हैं। यह कार्ड अमूमन घरों के कोने में पड़ा होता है और कुछ दिन बाद कूड़े के ढेर या रद्दी में पहुंच जाता है। इसलिए हमने कार्ड की जगह पौधे लगे गमले देने की योजना बनाई। इन गमलों पर बेटी की शादी का संदेश भी लिखा है। इन गमलों को नगर के रिश्तेदार और परिचितों को दिया जा रहा है। यदि ये गमले उनके घरों में रहेंगे तो हमारे परिवार के इस खास पल को वह हमेशा याद रखेंगे। यह प्रयोग सफल रहा तो पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा।
रेडिएशन कम करने वाले पौधे कर रहे हैं भेंट
प्रवीण कुमार ने बताया कि वह रेडिएशन कम करने वाले पौधे को गमले में लगाकर गिफ्ट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फाइकस का पौधा घर में लगा हो तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। घर में फैली रेडिएशन को खींचकर फाइकस कम करता है। यह पौधा घर की नमी भी बनाए रखता है। फाइकस के अलावा साइकस और अन्य पौधे भी शामिल हैं।