जानलेवा बुखार से मरने वालों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। सोमवार को खुर्जा के हाजीपुर भटौला गांव में 12 वर्षीय वसीम ने भी बुखार से दम तोड़ दिया। वहीं, गांव अमरगढ़ निवासी रामाप्रसाद की बुखार से मौत हो गई। जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 57 पहुंच गया है। गांवों में लग रहे शिविरों में भी खानापूर्ति की जा रही है।
गांव हाजीपुर भटौला निवासी निवासी वसीम (12) पुत्र रफीक को चार दिन पहले बुखार हुआ था। परिजन प्राइवेट चिकित्सकों से उसका इलाज करवा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर बुलंदशहर गए।
निजी अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार देर शाम वसीम की मौत हो गई। धरपा स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अशोक हांडा ने बताया कि जहां-जहा बीमारियां फैल रही है, वहां कैंप लगाया जा रहा है। हाजीपुर में भी कैंप लगाकर उपचार किया जाएगा।
वहीं, सोमवार को ऊंचागांव क्षेत्र के गांव अमरगढ़ निवासी रामाप्रसाद पुत्र कालू की बुखार से मौत हो गई। रामाप्रसाद के परिजनों ने बताया कि उसे पिछले कई दिनों से तेज बुखार था। उपचार पास के ही एक अपंजीकृत चिकित्सक के यहां चल रहा था। रविवार रात तबियत अचानक खराब हो गई और रामाप्रसाद ने दम तोड़ दिया।
रामाप्रसाद की मौत के बाद जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 57 पहुंच गया है। जनपद में बुखार से हो रही लगातार मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। गांवों में पहुंच रही मेडिकल टीमें भी खानापूर्ति करके लौट रही हैं। मेडिकल टीमों के पास पर्याप्त दवाएं तक उपलब्ध नहीं होती हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से लोगों में काफी रोष है।