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विधायक से लेकर ब्लॉक प्रमुख पद तक महिलाओं का दबदबा

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डिबाई विधायक अनीता राजपूत लोधी। - फोटो : BULANDSHAHR
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विधायक से लेकर ब्लॉक प्रमुख पद तक महिलाओं का दबदबा
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बुलंदशहर/डिबाई। महिला समानता दिवस के उपलक्ष्य में आज हम आपको जनपद के एक ऐसे तहसील की कहानी बताने जा रहे हैं। जहां पर जनप्रतिनिधि से लेकर सरकारी विभाग के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं का दबदबा है। बता दें कि महिला समानता दिवस मनाने की औपचारिक शुरुआत 1871 से हुई है। न्यूजीलैंड पहला ऐसा देश बना जिसने 1883 में पहली बार महिला समानता को लागू किया। अमेरिका में 26 अगस्त 1920 को 19वें संविधान संशोधन के माध्यम से पहली बार महिलाओं को मतदान का अधिकार प्राप्त हुआ। इसके पहले वहां महिलाओं को द्वितीय श्रेणी के नागरिक का दर्जा प्राप्त था। महिलाओं को समानता का दर्जा दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करने वाली महिला वकील बेल्ला अब्ज़ुग के प्रयास से 1971 से 26 अगस्त को महिला समानता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। अपने देश की बात करें तो यहां पर आजादी के बाद से ही महिलाओं को मताधिकार का अधिकार प्राप्त था। महिला समानता दिवस के उपलक्ष्य में महिला सशक्तीकरण की बानगी इस समय जनपद के तहसील डिबाई में देखने को मिल रही है। महिलाएं यहां पर अपराजिता बनकर विधायक से ब्लॉक प्रमुख के पद पर आसीन हैं। इतना ही नहीं तहसील क्षेत्र प्रमुख प्रशासन और पुलिस विभाग की भी कमान महिला अधिकारियों के हाथ में हैं। तहसील क्षेत्र के दोनों ब्लॉक प्रमुख के पदों पर भी महिलाएं आसीन हैं।
27 वर्ष बाद जनप्रतिनिधि बनीं महिला विधायक
डिबाई विधानसभा क्षेत्र का भी एक अपना इतिहास है। वर्तमान में यहां की विधायक डा. अनीता लोधी हैं। जो कि 27 वर्ष बाद पहली महिला विधायक हैं। उनसे पूर्व वर्ष 1985 में कांग्रेस से हितेश कुमारी यहां से विधायक बन मंत्री पद पर आसीन रह चुकी हैं। वहीं, वर्तमान विधायक अनीता लोधी का कहना है प्रदेश और केंद्र सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। आज महिलाएं भी बुलंदियां छू रही हैं और समाज में समानता का संदेश दे रही हैं।
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तहसील में दूसरी बार नियुक्त हुईं महिला एसडीएम
डिबाई तहसील में वर्तमान में एसडीएम मोनिका सिंह पीसीएस को बीते दिनों नियुक्त किया गया। वह इस पद पर दूसरी महिला अधिकारी हैं। अधीनस्थों पर पैनी नजर बनाए रखना, फरियादियों की समस्या के तत्काल निराकरण से कुछ समय में ही क्षेत्र में उनकी अलग पहचान बनी है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में बनी इस तहसील का सृजन 03 जून वर्ष 1997 को हुआ था। 24 अगस्त 2012 में पांच दिन क ो आईएएस संदीप कौर की इस पद पर पहली महिला अधिकारी के रूप में नियुक्त हुई थी। एसडीएम का कहना है कि वर्तमान में आम जिंदगी में रहने वाली महिलाओं की सोच में भी बदलाव आ रहा है।
पहली महिला अधिकारी के हाथों में पुलिस की कमान
वहीं वर्तमान में डिबाई क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी वर्तमान में एक महिला ही हैं। सीओ वंदना शर्मा की बीते दिनों ही यहां पर तैनाती हुई है। इस पद पर यहां भेजी गई वह पहली महिला अधिकारी हैं। वर्ष 2013 में पीपीएस बनीं अधिकारी इससे पूर्व मुख्यालय पर तैनात थी। अपराधों पर नियंत्रण करना व तेजतर्रार अधिकारी के रूप में उन्हें जाना जाता है। सीओ वंदना ने कहा कि देश में करीब 50 फीसदी आबादी महिलाओं की है। पहले लोग पूर्वाग्रह से ग्रसित थे कि महिलाएं सिर्फ घरों का कामकाज देखती हैं। समय के साथ लोगों की विचारधारा बदली और अब महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं।
दानपुर ब्लॉक में महिला ब्लॉक प्रमुख
दानपुर ब्लाक की वर्तमान प्रमुख मंजूू सिंह हैं। वह 16 मार्च 2016 को तहसील के दानपुर ब्लाक प्रमुख पद पर आसीन हुईं थीं। अक्सर देखा जाता है कि विधायक के क्षेत्र में दौरे के दौरान वह अक्सर साथ में रहती हैं। साथ ही लोगों की समस्याओं के निदान में लगी रहती हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लोगों की समस्याओं का निदान करना व क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव कोशिश करना ही उनका लक्ष्य है। हालांकि, घर के काम में भी वह नए नए व्यंजन बनाने में रुचि रखती हैं।
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डिबाई ब्लॉक प्रमुख हैं रेखा देवी
डिबाई ब्लॉक प्रमुख के पद पर वर्तमान में रेखा देवी विराजमान हैं। 17 मार्च 2016 को वह इस पद पर आसीन हुईं थीं। 40 वर्ष की उम्र में पहली बार उन्होंने राजनीति में कदम रखा है। सरल व्यवहार के चलते वह ग्राम प्रधान ही नहीं बल्कि अपने क्षेत्र के हर गांव में जानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव कोशिश करती हैं।
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