फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता ने भी दम तोड़ा, एक बच्ची की हालत गंभीर

Thu, 15 Sep 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
विज्ञापन
गांव अभयपुर में बेटे और पोते की मौत के बाद विलाप करतीं महिलाएं - फोटो : ब्यूरो
विज्ञापन
बुधवार रात अपने बेटे और दो बेटियों को जहर देकर खुद भी जहर खाने वाले पिता की बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। उसके पुत्र ने बीती रात ही दम तोड़ दिया था। वहीं उसकी बेटियों में से एक की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।  ग्रामीणों के मुताबिक, पत्नी के दो बार जीजा के साथ भाग जाने और खुद की पिटाई से क्षुब्ध होकर संजय ने यह कदम उठाया था।
विज्ञापन


बता दें कि थाना क्षेत्र के गांव अभयपुर निवासी संजय पुत्र कुंवरपाल मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था। बुधवार रात संजय ने अपने पुत्र कपिल उर्फ भोलू (4), पुत्रियां राधिका (2), पायल (1) को जहर देने के बाद पिता संजय ने भी खुद जहर खा लिया था। कपिल की मौके पर ही मौत हो गई थी।

पुलिस ने पिता-पुत्रियों को गंभीर हालत में देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां से चिकित्सकों ने तीनों की मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। बृहस्पतिवार सुबह संजय ने भी दम तोड़ दिया जबकि पुत्री राधिका की हालत गंभीर बताई गई है। पायल की हालत में सुधार है।
विज्ञापन


संजय की शादी जहांगीराबाद निवासी पिंकी के साथ पांच साल पहले हुई थी। परिजनों के मुताबिक चार साल पहले पिंकी का जीजा गांव मथुरा नांगल निवासी रविंद्र उसे भगाकर ले गया था। विरोध करने पर उसने संजय की पिटाई कर दी थी। बाद में संजय का पिता कुंवरपाल अपनी पुत्रवधू पिंकी को गांव ले आया था।

करीब पांच माह पूर्व पिंकी दोबारा से जीजा के भाई अनिल के साथ चली गई थी। कई बार संजय उसे लेने के लिए गया, लेकिन जीजा ने उसे भेजने से मना कर दिया। मंगलवार को मां चंद्रवती द्वारा पुत्री देवेंद्री को स्याना ले जाने के बाद संजय अपनी पत्नी को लेने के लिए मथुरा नांगल पहुंचा।

आरोप है कि वहां साडू और पत्नी ने मिलकर संजय की पिटाई कर उसे वहां से भगा दिया। पिटाई से अपमानित होकर संजय ने घर पहुंचकर तीनों बच्चों को जहर देकर खुद भी जहर का सेवन कर लिया।

पुलिस को देख पीड़ित को लौटा लाए ग्रामीण
जिस समय मां चंद्रवती घर पहुंची तो उस समय बेटा संजय और पुत्रियां घर के आंगन में तड़प रही थीं। चंद्रवती की चीख-पुकार को सुनकर कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपनी बाइक पर संजय को बैठाकर सीएचसी लखावटी ले जाने लगे।
विज्ञापन


लखावटी पुलिस चौकी पर पुलिस को देखकर युवक घबरा गए और उसे वापस गांव ले आए। यदि समय पर उनका उपचार किया जाता तो संजय की जान बचाई जा सकती थी। 

सीओ स्याना चितरंजन स्वरूप ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष से कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर मिलने पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें