बुलंदशहर। कोतवाली देहात के गांव भाईपुरा निवासी सोफिया की हत्या उसके इकलौते भाई और पिता ने कर दी। लोगों और पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या को सड़क हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया।
हालांकि जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मामला उजागर हो गया। पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने अपना जुर्म भी कबूल लिया है।
पिता-पुत्र ने पूछताछ में सोफिया का वीडियो किसी लड़के के साथ वायरल होने से नाराज होकर हत्या करना बताया है। मगर गांव में चर्चा है कि सोफिया का 80 लाख रुपये का बीमा था, उस रकम को हड़पने के लिए उसकी हत्या की गई है।
युवती परिवार के साथ अहमदाबाद में रहती थी। गत 14 अगस्त को उसका शव अहमदाबाद गांव भाईपुरा लाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया था।
पिछले महीने 12 अगस्त की रात में अहमदाबाद में सोफिया का शव सड़क पर मिला था। पास में बाइक पड़ी थी और उसका भाई घायल हालत में था। भाई ने पुलिस को बताया कि अज्ञात वाहन ने बाइक को पीछे से टक्कर मारी, जिससे सोफिया की मौत हो गई।
सीसीटीवी कैमरे और अन्य माध्यम से जांच के दौरान हत्या का मामला प्रकाश में आया था। जिसके बाद पुलिस ने युवती के भाई हाबिल को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हाबिल ने पिता मोहम्मद फारूक के साथ मिलकर सोफिया की हत्या किया जाना कबूल किया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि सोफिया अहमदाबाद के बापोल इलाके के निजी हॉस्पिटल में रिसेप्शनिस्ट थी। करीब तीन महीने पहले उसका एक युवक के साथ वीडियो वायरल हुआ था। इसी को लेकर वे नाराज थे।
आरोपी भाई ने बताया कि वह पिता के साथ हॉस्पिटल गए, जहां सोफिया काम करती थी। लौटते समय दोनों उसको बाइक पर साथ ले गए। हाबिल अपने साथ हथौड़ा लेकर गया था।
रास्ते में बाइक को गेलजीपुरा गांव के पास एक सुनसान कच्ची सड़क पर मोड़ दिया, जहां उसने बहन के सिर पर हथौड़े से तीन बार वार किया। सोफिया के बेहोश हो जाने पर उसे बाइक से नीचे फेंक दिया। इसके बाद हथौड़े से उसके सिर पर दो और वार किए।
मौत होने के बाद सोफिया के शव को वापस मुख्य सड़क पर लाकर रख दिया। बाइक में भी तोड़-फोड़कर वहां पटक दिया ताकि इसे दुर्घटना दिखाया जा सके।
पिता पैदल वहां से निकल गया। इसके बाद हाबिल ने पुलिस को सूचना दी। दावा किया कि गेलजीपुरा चौराहे के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी।
अहमदाबाद में करते हैं कबाड़ी का काम
मोहम्मद फारूक मूल रूप से कोतवाली देहात के गांव भाईपुरा के निवासी है। ग्रामीणों ने बताया कि वह अहमदाबाद में कबाड़ी का कार्य करते हैं। बुलंदशहर के फैसलाबाद में भी उन्होंने मकान बना रखा है। उनके एक बेटा और चार बेटियां थीं। सोफिया बहनों में तीसरे नंबर की थी। दो बहनों की शादी हो चुकी है।