खुर्जा। डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे की मांग कर रविवार को कमालपुर गांव में पंचायत में किसानों ने हुंकार भरी। किसानों ने कहा कि वह प्रशासन के दबाव में नहीं आएंगे।
इसे बनाने के लिए चाहे टाटा आएं या बिड़ला, उचित मुआवजे के बिना वह अपनी एक इंच जमीन भी नहीं देंगे। डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर में अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।
रविवार को कमालपुर गांव में हुई पंचायत की अध्यक्षता करते हुए किसान नेता मनवीर शर्मा ने कहा कि प्रशासन निर्माण कंपनी को समझाने के बजाए किसानों पर बार-बार काम शुरू करने का दबाव बना रहा है, लेकिन किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और न ही प्रशासन के बहकावे में आएंगे।
इंद्रमणि शर्मा ने कहा कि वर्तमान कंपनी वाले अपना पीछा छुड़ाकर जिम्मेदारी टाटा कंपनी को दे रहे हैं। चाहे टाटा आएं या बिड़ला वह रेलवे का काम शुरू नहीं होने देंगे। सुग्रीव सोलंकी ने कहा कि अगर प्रशासन ने किसानों को धैर्य खोने पर मजबूर किया तो आंदोलन होगा, जिसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
पंचायत का संचालन अजय चौधरी ने किया। बने सिंह, शिवकुमार शर्मा, धर्मवीर शर्मा, बालकराम, अतर सिंह चौधरी, लाला प्रधान, महेन्द्र, देवेन्द्र, संजय, सुरंेद्र रमेश आदि मौजूद थे।