बुलंदशहर। जिले के किसान अब खुद खेतों पर ही बिजली का उत्पादन कर सकेंगे। केंद्र सरकार किसानों को पीएम कुसुम सी-1 के माध्यम से उनके खेतों पर ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में मदद करेगी। इसके लिए किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। किसानों को मात्र 10 फीसदी अंश देना होगा। ऐसे में सौर उर्जा से ट्यूबवेल चलाए जाएंगे।
किसानों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने ट्यूबवेल को सोलर प्लांटों से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे जहां किसानों को बिजली और डीजल खर्च से राहत मिलेगी तो वहीं समय से खेतों की सिंचाई भी हो सकेगी। यूपी नेडा के परियोजना निदेशक थान सिंह ने बताया कि उप्र सौर ऊर्जा नीति- 2022 के तहत सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना की कुसुम घटक सी-1 योजना शुरू की है।
इसके तहत किसानों के सामान्य बिजली से संचालित निजी नलकूपों को सोलर से जोड़ा जाएगा। इसको लेकर राज्य सरकार 60 और केंद्र सरकार 30 प्रतिशत अनुदान देगी, जबकि किसानों को 10 प्रतिशत अपने पास से खर्च करना होगा। इसके लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए गए हैं।
बताया कि तीन एचपी के ट्यूबवेल पर 239000 रुपये का खर्च आएगा। इसमें केंद्र सरकार 71700 और राज्य सरकार 143400 कुल 215100 सब्सिडी मिलेगी। किसान को 23900 रुपये देने होंगे। पांच एचपी के लिए 393250 रुपये में संयंत्र लगेगा। इसके लिए 353925 रुपये की सब्सिडी मिलेगी और किसान को 39325 रुपये जमा कराने होंगे। 7.5 एचपी के ट्यूबवेल पर 548000 का संयंत्र लगेगा। 493200 रुपये की सब्सिडी मिलेगी और किसान को 54800 रुपये जमा कराने होंगे। इसी तरह 10 एचपी के ट्यूबवेल पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने के लिए 719950 रुपये का सौर ऊर्जा संयंत्र लगेगा। इसे लगवाने पर किसान को 10 फीसदी 226750 रुपये का अंशदान जमा करना होगा।