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Bulandshahar News: ट्रैक्टर-ट्रॉली से किसानों ने घेरा कलक्ट्रेट, चार घंटे जाम में फंसे रहे लोग

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भाकियू की ट्रैक्टर मार्च के दौरान लगा जाम। संवाद
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बुलंदशहर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने फसल नुकसान का मुआवजा, स्मार्ट मीटर न लगाने और निराश्रित पशुओं से निजात दिलाने समेत 16 मांगों को लेकर ट्रैक्टर मार्च निकाला। किसानों ने कलक्ट्रेट को ट्रैक्टर-ट्राली से घेर लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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चार घंटे से ज्यादा समय तक शहर जाम से जूझता रहा। दूर तक ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई दे रहे थे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान वापस लौट गए। ट्रैक्टर मार्च का नेतृत्व राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने किया। उन्होंने बताया कि इस समय किसान हर तरफ से पीड़ित है। उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।
उन्होंने मांग की है कि बारिश से फसल नुकसान का मुआवाजा दिया जाए। स्मार्ट मीटर न लगाने, निराश्रित पशुओं से निजात दिलाने, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस की जमीन का सर्किल रेट से 20 फीसदी अधिक मुआवजा देने समेत 16 मांगों को उठाया। उन्होंने कहा कि अभी लड़ाई शुरू हुई है। यदि किसानों की इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि किसान ही हर तरफ से मारा जाता है। सरकार और प्रशासन को इसका ध्यान रखना चाहिए। 500 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ किसान कलक्ट्रेट पर जमे रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों का जल्द समाधान कराएंगे, लेकिन किसान नहीं माने। जिलाधिकारी के फोन पर आश्वासन देने के बाद किसान वापस लौट गए।
इस दौरान जिला संरक्षक चौ. कुलदीप गुड्डू, युवा जिला अध्यक्ष शैलेंद्र आर्य, जिला प्रभारी चौधरी धर्मवीर सिंह, जिला प्रभारी रोहित चौधरी मौजूद रहे।
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500 ट्रैक्टरों से चार घंटे शहर रहा जाम

शनिवार सुबह 11 बजे जैसे ही किसानों का काफिला नई मंडी से रवाना हुआ, शहर की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। ट्रैक्टर मार्च स्याना अड्डा चौराहा, शिकारपुर बाईपास और लल्ला बाबू चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट की ओर चला। ट्रैक्टरों की लंबी कतारों के कारण कलक्ट्रेट से कचहरी रोड तक पैर रखने की जगह नहीं बची। सबसे बुरा असर काला आम चौराहा, डीएवी तिराहे और लल्ला बाबू चौराहे पर देखने को मिला, जहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
इस प्रदर्शन के दौरान आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हुई। दोपहर की छुट्टी के बाद घर लौट रहे छात्र घंटों तक तपती धूप में बसों के भीतर फंसे रहे। जाम की स्थिति ऐसी थी कि पुलिस और यातायात कर्मियों की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं। भाकियू कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। दोपहर बाद करीब 3 बजे जब प्रदर्शनकारी वापस लौटे तब जाकर यातायात धीरे-धीरे सुचारू हो सका। यातायात पुलिस को जाम खुलवाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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