गुणवत्ता की आड़ में किसानों को क्रय केंद्रों से लौटाया जा रहा है। यही, कारण है कि देहात क्षेत्र में बनाए गए क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू ही नहीं हो पाई है। ऐसे में मायूस किसान मंडियों में सस्ती दरों पर गेहूं बेचने को मजबूर हैं। रविवार को अनाज मंडी बुलंदशहर में तीनों केंद्र बंद मिले।
प्रशासन ने जनपद में 1.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने के लिए 88 क्रय केंद्रों का गठन किया है। मात्र 20 केंद्रों पर 120 एमटी गेहूं की खरीद की गई है। गेहूं की खरीद मंडियों में स्थित केंद्रों पर की गई है। गांवोें में लगाए गए क्रय केंद्रों पर गेहूं का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है।
किसान सुरेश पाल का कहना है कि क्रय केंद्र पर 17 बोरे गेहूं बेचने को गया था। केंद्र संचालक ने गुणवत्ता खराब बताकर गेहूं लौटा दिया। संचालक ने यह भी कहा कि नमी और क्षतिग्रस्त दानों की संख्या अधिक है।
इसलिए समर्थन मूल्य से कम दाम मिल पाएंगे। यही जवाब किसान सुरेंद्र, अनिल और सुमित को भी क्रय केंद्रों पर मिले। नतीजतन किसानों को अनाज मंडियों मेें गेहूं बेचना पड़ा।