झाझर में चकबंदी को लेकर किसान दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट जहां धरनास्थल पर चकबंदी प्रक्रिया का विरोध कर रहा है तो दूसरे पक्ष ने शनिवार को चकबंदी का स्वागत कर कलक्ट्रेट में नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इस बीच किसान और जिला स्तरीय अफसरों के बीच करीब दो घंटा बंद सभागार में वार्ता हुई।
झाझर के ग्राम प्रधान पति जमील अहमद के नेतृत्व में शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे सैकड़ों किसान मलका पार्क में जमा हुए। किसानों के साथ 60-70 महिलाएं थीं। मलका पार्क से किसान जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने हाथों में स्लोगन लिखे हुए बैनर और तख्तियां थीं।
विरोध-प्रदर्शन में शामिल 20 किसानों को डीएम ने वार्ता के लिए बुलाया। किसान और जिला स्तरीय अफसरों के बीच कलक्ट्रेट सभागार में करीब दो घंटे तक वार्ता चली। वार्ता में किसानों ने चकबंदी को लेकर सुझाव दिए और धरने पर बैठे किसानों पर कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने कहा गांव 40 प्रतिशत चकबंदी हो चुकी है। ऐसे में यदि चकबंदी रोक दी गई तो बाकी ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस मौके पर आरिफ भाटी, सुरेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, जमील अहमद, सलीम, खलील, आजाद घोसी आदि मौजूद रहे।
जनमत संग्रह कराएगा प्रशासनः बुलंदशहर। झाझर में चकबंदी रुकेगी या जारी रहेगी, इसके लिए प्रशासन डोर टू डोर जनमत संग्रह करवाएगा। एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि इस संबंध में प्लानिंग कर ली गई है। जल्द ही गांव में डोर टू डोर जनमत संग्रह का काम शुरू हो जाएगा। जनमत संग्रह कराने का मकसद पारदर्शी ढंग से विवाद को खत्म करना है।