कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे किसानों ने सोमवार को काला आम चौराहे पर छह विधायकों का पुतला फूंककर आगामी विधानसभा चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी दी है।
किसानों ने कहा कि विधायकों को अब जन कल्याण से सरोकार नहीं रह गया है। वह खुद की जेबें भरने में मशगूल हैं।
भाकियू के बैनर तले किसान सोमवार को कलक्ट्रेट से काला आम चौराहे पर पहुंचे।
वहा किसानों ने छह विधायकों को पुतला फूंककर प्रदर्शन और नारेबाजी की। बता दें कि किसान 10 दिन से कलक्ट्रेट में धरने पर डटे हुए हैं।
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरपाल सिंह तेवतिया ने कहा कि किसानों ने वोट डालकर जिन नेताओं को विधायक बनाया वह नेता गद्दी संभालते ही किसानों का दर्द भूल गए।
विधायकों के पास किसानों की समस्या सुनने का वक्त नहीं है। ऐसे विधायकों को वर्ष-2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों में सबक सिखाया जाएगा। प्रदेश उपाध्यक्ष यशवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने बिजली का बिल दो गुना कर दिया है।
जनपद के किसी विधायक ने विधानसभा में बिल बढ़ोतरी का मुद्दा नहीं उठाया। प्रदेश सचिव मांगे राम त्यागी ने कहा कि किसान ठिठुरन में जान की बाजी लगाकर धरने पर बैठे हैं।
विधायकों को धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों का दर्द साझा करने की फुरसत नहीं है। विधानसभा चुनाव में नेताओं को सबक सिखाया जाएगा। किसानों ने सिकंदराबाद विधायक बिमला सोलंकी, खुर्जा विधायक बंसी पहाड़िया, शिकारपुर विधायक मुकेश शर्मा, डिबाई विधायक गुड्डू पंडित, स्याना विधायक दिलनवाज खां समेत छह विधायकों का पुतला फूंका।
अनूपशहर विधायक के धरने पर पहुंचकर समर्थन दे देने के कारण उनका पुतला नहीं फूंका गया। पुतला फूंकने वालोंस में जगतवीर सिंह, किशन, मोहित, पुष्पेंद्र, सुखदेव, वीरेंद्र, जय प्रकाश, नवीन कुमार, जय प्रकाश, मोहित लाल आदि मौजूद रहे।
विधानसभा में किसानों की समस्याएं उठाता रहा हूं। किसान भूलवश ऐसा कह रहे हैं। नियम 51 में उठाए वेव शुगर मिल के मामले पर खुद सीएम ने जवाब दिया था। आगे भी किसानों का मुद्दा उठाता रहूंगा। - विधायक दिलनवाज खा, स्याना
विधानसभा में गन्ना समर्थन मूल्य मुआवजा आदि का मुद्दा कई बार उठा चुकी हूं। ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हमेशा किसानों के हित में काम किया है। - विधायक बिमला सोलंकी, सिकंदराबाद