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सरकार पर गरजे नरेश टिकैत, बोले सम्मान से नहीं समझौता

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बीबीनगर में किसान महापंचायत को सम्बोधित करते नरेश टिकैत। - फोटो : BULANDSHAHR
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सरकार पर गरजे नरेश टिकैत, बोले सम्मान से नहीं समझौता
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बीबीनगर। दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन की कड़ी को मजबूत करने के इरादे से सोमवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बीबीनगर में किसान पंचायत को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसानों के सम्मान से खिलवाड़ पसंद नहीं करेंगे। किसान अपने सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करता है।
नरेश टिकैत ने इशारों ही इशारों में किसानों को दिल्ली आने का न्योता भी दे दिया। साथ ही उन्होंने किसानों को पीछे न हटने की सलाह दी। इस दौरान उन्होंने हरियाणवी किसानों की ताकत का भी जिक्र किया और कहा कि हरियाणा में किसानों ने मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर मैदान में नहीं उतरने दिया। आजकल भाजपाई गांव-गांव में पंचायत कर रहे हैं। पारिवारिक रिश्ते भी होते हैं, लेकिन किसानों के सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने गुजरात में दंगा कराकर केंद्र में सरकार बना ली, पहले अन्नदाता सिरमौर थे आजकल इन्हें जकाती, परजीवी, आतंकवादी, आंदोलनजीवी, खालिस्तानी कहा जा रहा है। उन्होंने बिजली की बढ़ी दरों और चार वर्षों से गन्ने का मूल्य एक रुपये भी न बढ़ाए जाने पर भी सरकार को घेेरा। कहा कि नए कृषि कानून बनाकर किसानों की रोटी छीनी जा रही है। साथ ही किसानों को अपमानित कर रही है। सरकार से अब हमें कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन सरकार ने किसानों को छेड़ा तो ठीक नहीं होगा। सरकार हमने बनवाई और सरकार हमारी ही नहीं सुन रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि आंदोलन को जीवनशैली में शामिल करो, माह में एक सप्ताह दिल्ली आंदोलन में शामिल हों। किसान महापंचायत में प्रदेश अध्यक्ष ठा. राजवीर सिंह जादौन, मंडल अध्यक्ष चौधरी पवन खटाना, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी सतवीर सिंह, प्रदेश सचिव कुशलपाल आर्य, प्रांतीय उपाध्यक्ष कैप्टन यशवीर सिंह, एनसीआर महासचिव मांगेराम त्यागी, नोएडा नगर अध्यक्ष परविंदर अवाना, रविदेव शास्त्री, बिल्लू ठाकुर, बबन चौधरी, शैलू आर्य, जिलाध्यक्ष नोएडा अमित कसाना आदि मौजूद रहे।
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सरकार की साजिश लाल किले पर हुई हिंसा
नरेश टिकैत ने कहा कि लाल किले पर हुई हिंसा सरकार की सोची समझी साजिश है। सरकार अपना सम्मान चाहती है तो उस बात को दबा दिया जाए। अन्यथा इसकी गहनता से निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो उसे लाल किले पर ही फांसी दी जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को हिंसक न होने दें।
करीब साढ़े तीन घंटे देरी से पहुंचे
नरेश टिकैत की महापंचायत का कार्यक्रम सोमवार दोपहर करीब 12 बजे का तय किया गया था। लेकिन, टिकैत समय से करीब साढ़े तीन घंटे देरी से पहुंचे। वह पंचायत में दोपहर करीब 3.40 बजे पहुंचे और पांच बजे रवाना हो गए।
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने भरी हुंकार
खुर्जा। कस्बा स्थित मधुपुरा इंटर कॉलेज में सोमवार को कृषि कानूनों के विरोध में आयोजित विशाल पंचायत में किसानों ने हुंकार भरी। किसानों ने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग सरकार से की। पंचायत में कई गांवों के किसानों ने हिस्सा लेते हुए लड़ाई लड़ रहे संगठन को मजबूती देने का एलान किया।
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कस्बा स्थित मधुपुरा इंटर कॉलेज में सोमवार को काले कानूनों के विरोध में विशाल पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में दस्तूरा, बीछट, महमदपुर, हसनपुर लडूकी, भैयापुर, सनैता, कमालपुर भदौरा अख्तियापुर समेत कई गांवों के किसान पहुंचे थे। मंच से ऑल इंडिया कमेटी के सदस्य कामरेड डीपी सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। लेकिन किसान भी हार मानने वाला नहीं है। अगर काला कानून लागू हो गए तो किसान बर्बादी की कगार पर आ जाएगा। उन्होंने किसानों से किसी भी हाल में कानूनों को लागू नहीं होने देने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश किसान सभा के संयुक्त सचिव कामरेड चंद्रपाल सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन को ढाई महीने से ज्यादा का समय हो गया है। लड़ाई तब तक चलती रहेगी जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी, जो किसान भाई बार्डर पर रहकर केंद्र सरकार से टक्कर लेते लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें सहयोग करना हमारा फर्ज है। किसान नेताओं की मदद करने की अपील सभी किसानों से की गई। पंचायत में जिलाध्यक्ष मेघराज सोलंकी, मीरपाल सिंह, अजीत सिंह, श्यौदान सिंह, देवेंद्र, रनवीर, सरदार सिंह, हरपाल सिंह, जयराम सिंह समेत कई किसान मौजूद रहे।
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