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छत्तीस गांवों के सैकड़ों किसान पेयजल लेकर दिल्ली बॉर्डर रवाना

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गाजीपुर बॉडर पर जाते किसान। - फोटो : BULANDSHAHR
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छत्तीस गांवों के सैकड़ों किसान पेयजल लेकर दिल्ली बॉर्डर रवाना
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बुलंदशहर/शिकारपुर। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में 36 गांवों की 36 बिरादरी के सैकड़ों किसानों का काफिला पदयात्रा करते हुए शिकारपुर से दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हो गया है। इस दौरान किसान अपने साथ एक कलश में 36 गांवों के नल का जल भी अपने साथ लेकर चल रहे हैं। पदयात्रा का इस दौरान जगह-जगह फूलमाला से स्वागत किया गया। जत्थे के साथ ट्रैक्टर-कारों का काफिला भी निकला है। साथ ही खाद्य सामग्री भी किसान अपने साथ लेकर जा रहे हैं।
कृषि कानून के विरोध में किसान आंदोलन अब बढ़ता ही जा रहा है। इसी के चलते बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों का एक जत्था हाथ में तिरंगा लेकर जखैता गांव से गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हो गया। किसानों की यह पदयात्रा सपा नेता पिंटू प्रमुख के नेतृत्व में क्षेत्र के गांव जखैता से शुरू होकर कुतुबपुर, तैयबपुर, शिकारपुर, कैलावन, सलेमपुर, चित्सौन, जटपुरा, मुकीमपुर, धतूरी, मिर्जापुर होते हुए बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बुलंदशहर के कालाआम चौराहे पर पहुंची। भाकियू के एनसीआर महासचिव मांगेराम त्यागी, पिंटू प्रमुख ने पदयात्रा की अगुवाई की। जत्थे में चल रहे किसान भारत माता की जय और जय जवान-जय किसान के नारे लगाते हुए चल रहे थे। इसके बाद किसानों ने कालाआम चौराहे पर स्थित शहीद पार्क में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और फिर किसानों का जत्था दिल्ली बॉर्डर के लिए पैदल रवाना हो गया। मांगेराम त्यागी ने बताया कि सरकार बॉर्डर पर चाहे तो बिजली-पानी आदि बंद कर दे। किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए अपने अपने घरों से राशन और पानी आदि लेकर धरना स्थल पर पहुंचेंगे। पदयात्रा में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी सतपाल सिंह, ओमप्रकाश तेवतिया, योगेंद्र सिंह, दीपक चौधरी, वीरपाल सिंह, दयानंद सिंह, नरेश प्रधान, सुखबीर सिंह, वीरेंद्र फौजी, सूबेदार राजवीर सिंह, मूलचंद सिंह आदि शामिल रहे।
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कांग्रेस और रालोद ने किया पदयात्रा का स्वागत
कालाआम चौराहे पर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने किसानों को फूलमाला पहनाकर और फूल बरसाकर स्वागत किया। साथ ही इस दौरान चौराहे पर जमकर नारेबाजी भी की गई। इस दौरान कांग्रेस के सुनील चरौरा, सचिदानंद गौड़, मुनीर अकबर और रालोद के आसिफ गाजी, नावेद खां समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चौराहे पर लगा जाम
किसानों की पदयात्रा के दौरान कालाआम चौराहे पर यातायात को रोक दिया गया। जिससे कि चौराहे पर चारों ओर से गुजर रही सड़कों पर लंबा जाम लग गया। हालांकि, यात्रा के रवाना होने के बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर जाम को खुलवाकर यातायात को सुचारु किया।
छह को होगा चक्का जाम, सात सेक्टरों में बांटा भाकियू ने जिला
स्याना/औरंगाबाद। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में भाकियू ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के आह्वान पर आगामी छह फरवरी को चक्का जाम का निर्णय लिया है। इसे सफल बनाने के लिए बुधवार को भाकियू पदाधिकारियों ने बैठक की और चक्का जाम को सफल बनाने की किसानों से अपील की है।
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दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में भाकियू द्वारा छह फरवरी को चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। जिसकी तैयारियों को लेकर भाकियू के एनसीआर चीफ सेक्रेटरी के गढ़ स्टैंड स्थित कैंप कार्यालय पर पंचायत कर रणनीति बनाई गई। मांगेराम त्यागी ने बताया कि जिले को सात सेक्टरों में बांटकर 15 स्थानों पर चक्का जाम किया जाएगा। लेकिन, जाम के दौरान अंतिम यात्रा वाहन, एंबुलेंस, दूध व सब्जी वाहन, स्कूली वाहनों, शादी के वाहनों को मुक्त रखा जाएगा। पंचायत में हरवीर सिंह, जीतपाल सिंह, शैलेंद्र आर्य, टीनू चौधरी, विनेश कुमार, दीपक आदि मौजूद रहे। वहीं औरंगाबाद में भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान के फार्म पर पदाधिकारियों की पंचायत आयोजित हुई। प्रदेश सचिव कैप्टन विशन सिंह सिरोही ने बताया कि छह फरवरी को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पदाधिकारी गांव पूठी नसीराबाद स्थित खुटेल फार्म के सामने बुलंदशहर-औरंगाबाद-गढ़मुक्तेश्वर स्टेट हाईवे को जाम करेंगे। पंचायत में रविकरण सिंह, नरेश राघव, राकेश लोधी, पवन लोधी, रिंकू शर्मा आदि मौजूद रहे।
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