शव दफनाने के लिए बेलौन में भटके परिजन
नरौरा। क्षेत्र के ग्राम बेलौन में राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान होने के बाद भी मुस्लिम समुदाय के किसी सदस्य की मौत के बाद घंटों तक शव दफनाने को जोर अजामाइश करनी पड़ती है। लेकिन भू-अभिलेखों में दर्ज कब्रिस्तान की भूमि पर विवाद कोर्ट में होने के कारण शव कब्रिस्तान में दफन नहीं हो पा रहे हैं। शुक्रवार को एक महिला की मौत के बाद घंटों चले कवायद के बाद ग्राम के ही मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति के निजी कब्रिस्तान में शव दफनाया गया।
ग्राम बेलौन में शुक्रवार की तड़के जहीर खान की माता तौफीक लगभग 65 वर्ष का निधन हो गया। जिसके बाद सुबह करीब दस बजे से उनके शव को दफनाने की कवायद प्रारंभ हुई। लेकिन कब्रिस्तान के विवाद का जिन्न फिर सामने आया। जिसके बाद घंटों पुलिस की कवायद हुई। ग्रामीण आजाद खां, सत्त्तार मियां, नबाव खां, मुन्ना खान व जहीर खान आदि कहना है कि समुदाय में किसी सदस्य की मौत के बाद शव दफनाने को लेकर काफी समस्या है। जबकि अभिलेखों में ग्राम में कब्रिस्तान दर्ज है। ग्राम प्रधान पति सोनू उपाध्याय ने बताया कि ग्राम में लगभग दो दर्जन मुस्लिम परिवार रहते हैं। ग्राम में कब्रिस्तान है। कब्रिस्तान में शव दफन नहीं हो पाने के कारण लोगों को समस्या हो रही है। प्रशासन को लोगों की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
एसडीएम डिबाई मोनिका सिंह ने बताया कि अभिलेखों में ग्राम में कब्रिस्तान है। लेकिन कब्रिस्तान के स्थान वाली भूमि को लेकर अन्य लोगों से विवाद है। जो कि मामला न्यायालय में है। शुक्रवार को हुई एक महिला की मौत के बाद थाना पुलिस के प्रयास से ग्रामीणों की सहमति से ग्राम के एक अन्य मुस्लिम परिवार के अपने निजी कब्रिस्तान में शव को दफनाया गया है।