केन मैनेजर लोकेंद्र की हत्या के बाद मृतक के आश्रितों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर त्रिवेणी शुगर मिल पर महाप्रबंधक को बंधक बनाकर देर रात किसानों का हंगामा चलता रहा।
दस दिन का समय मांगते हुए महाप्रबंधक ने जब मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया तब जाकर किसान माने। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं दिया तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
गौरतलब हो कि साबितगढ़ त्रिवेणी शुगर मिल के केन मैनेजर लोकेंद्र की हत्या के बाद मिल प्रबंधन ने मृतक परिवार को मुआवजे आश्वासन दिया था। इसका बाद घटना के छह माह बाद भी मृतक परिवार को कोई सहायता नहीं मिली।
इस पर परिजनों ने किसान और भाकियू के साथ मिलकर मिल पर ताला जड़ दिया। मिल के महाप्रबंधक को बंधक बनाकर किसानों ने देर रात तक हंगामा किया।
मांग पूरी न होने पर किसानों ने अनिश्चित कालीन धरने पर बैठने की चेतावनी दे दी।
देर रात तक चले हंगामे के बाद मिल के महाप्रबंधक नरेशपाल ने लिखित रूप से मृतक केन मैनेजर के परिजनों को 17 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया। इसके लिए उन्होंने किसानों से दस दिन की मोहलत मांगी है।
आश्वासन मिलने के बाद तब कहीं जाकर किसान शांत हुए और धरना समाप्त कर गए। भाकियू के प्रदेश महासचिव मांगेराम त्यागी और सपा का प्रदेश सचिव जगदीश प्रधान ने कहा कि मिल प्रबंधन ने 18 अप्रैल तक का समय मांगा है। अगर तब तक पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिला तो वह आंदोलन को मजबूर हो जाएंगे।