पहाड़ों की बर्फबारी से गलन का कहर जारी है। बृहस्पतिवार पारा लुढ़कर 5 डिग्री पर पहुंच गया। रात-दिन शीतलहर जारी रही और ठिठुरन से सब को बेहाल कर दिया।
मौसम विशेषज्ञ अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की आशंका जता रहे हैं। बता दें कि पिछले कई दिन से शीतलहर, पारा और धुंध जारी है। बृहस्पतिवार की सुबह शीतलहर और पारे के साथ शुरू हुई जबकि कोहरा बहुत कम रहा।
दिन भर शीतलहर चली और दोपहर बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। मगर ठिठुरन कम नहीं हो पाई। ठंड से बचने के लिए लोगों ने तरह-तरह के उपाय किए। जगह-जगह चाय और मूंगफली आदि की दुकानों पर भीड़ में इजाफा देखने को मिला।
ठंड का कहर जारी होने के कारण बृहस्पतिवार अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 5 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 6 तथा शनिवार को अधिकतम तापमान 22 तथा न्यूनतम 6 डिग्री रहने की संभावना है।
उधर मौसम विशेषज्ञ डॉ. विवेक राज का कहना है कि जब तक पहाड़ों में बर्फबारी जारी रहेगी तब तक शीतलहर, पारा और धुंध से राहत मिलने की कम ही उम्मीद है। उन्होंने शीतलहर के साथ पारा गिरने की भी संभावना जताई है।
छुट्टी के बाद भी खुले रहे स्कूल
कड़ाके की सर्दी को देखते हुए डीएम ने बीते दो दिनों से कक्षा आठ तक के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए लेकिन कई स्कूल संचालक नहीं माने।
स्कूल संचालका की मनमानी के चलते नन्हें मुन्ने बच्चे कड़ाके की सर्दी में ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। हालांकि बृहस्पतिवार को डीएम बी चंद्रकला ने फिर आठवीं कक्षा तक के स्कूलों में एक दिन का और अवकाश घोषित कर दिया।
डीएम ने सख्त हिदायत दी है कि यदि स्कूल खुले तथा अध्यापक स्कूल नहीं पहुंचे तो उनके खिलाफ विभागीय अफसर सख्त कार्रवाई करें।
वहीं कार्यवाहक बीएसए विनोद कुमार का कहना है कि सरकारी स्कूल बंद रहे जबकि निजी स्कूल खुलने की शिकायत मिली हैं। इन शिकायतों के आधार पर स्कूल संचालकों पर कार्रवाई होगी। दूसरी ओर अभिभावकों और अध्यापकों ने छुट्टी बढ़ाने की मांग की है।