बुलंदशहर। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी से मरीज को निजी अस्पताल भेजे जाने के मामले में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बाद अन्य स्टाफ से भी जवाब मांगा जाएगा। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
सदर तहसील क्षेत्र निवासी महिला ज्योति पांडेय ने 16/17 अक्तूबर की रात जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में तैनात स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही इस मामले में मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को शिकायत भेजकर जांच कर कार्रवाई की मांग की। ज्योति पांडेय का आरोप है कि बीमार पति को इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने निजी चिकित्सालय भेजे जाने की सलाह देने के साथ डिस्काउंट दिलाने की भी बात कही। महिला का आरोप है कि स्टाफ से कई बार फरियाद करने के बाद भी इलाज नहीं किया गया और स्ट्रेचर पर लेटे पति के साथ उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
इसके बाद महिला ने मजबूरन अपने पति को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मामले में महिला द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की। जिसे जिला चिकित्सालय प्रशासन ने संज्ञान में लिया है। जिला चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि मामले में शिकायत मिलने पर 16/17 अक्तूबर की रात इमरजेंसी में तैनात रहे ईएमओ और फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने पर ड्यूटी पर तैनात अन्य स्टाफ से भी स्पष्टीकरण लिया जाएगा।