संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। डीएम के निरीक्षण के दौरान पीएचसी प्रभारी गैरहाजिर मिली तो फार्मासिस्ट धूप में बैठी थीं, वार्ड ब्वॉय दवा का वितरण कर रहा था। इसके अलावा पशु अस्पताल में एक्सपायर दवाई मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और फार्मासिस्ट का तबादला डिबाई करने के निर्देश दिए।
सोमवार को डीएम सीपी सिंह ने सीडीओ कुलदीप मीना के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। गांव धमैड़ा कीरत स्थित पीएचसी पर डीएम ने निरीक्षण किया तो प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. नेहा यादव ड्यूटी से नदारद मिली। रजिस्टर की जांच करने पर पता चला कि रजिस्टर में अवकाश को लेकर भी कोई प्रविष्टि नहीं है। इस पर डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए कि चिकित्साधिकारी का स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए। निरीक्षण के दौरान वार्ड ब्वॉय मरीजों को दवाई का वितरण कर रहा था, जबकि फार्मासिस्ट स्मिता धूप में आराम फरमा रहीं थीं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और फार्मासिस्ट का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर के साथ स्टॉफ के लिए बनाए गए मकानों में भी गंदगी पाई गई। डीएम ने अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके बाद गांव धमैड़ा सूजापुर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए डीएम ने पशुओं के उपचार की प्रक्रिया की जानकारी ली। निरीक्षण के समय पशु चिकित्साधिकारी अम्बरीश कुमार सिंह, फार्मासिस्ट मुकेश कुमार सिंह उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान स्टोर रूम में एक्सपायरी दवाई पाए जाने, फार्मासिस्ट से दवाई वितरण की जानकारी मांगने पर पर्याप्त जानकारी न देने पर डीएम ने नाराजगी जताई और फार्मासिस्ट का तबादला डिबाई करने के निर्देश दिए। साथ ही केन्द्र के रजिस्टर में अंकित प्रविष्टियों की जांच सीडीओ को करने के निर्देश दिए।
गांव में गंदगी मिलने पर जताई नाराजगी
गांव सूजापुर में डीएम सीपी सिंह ने सीडीओ कुलदीप मीना के साथ साफ-सफाई व अन्य योजनाओं के सत्यापन के लिए निरीक्षण किया। इस दौरान गांव में पर्याप्त सफाई न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और तीन दिन में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश ग्राम प्रधान को दिए।