बुलंदशहर। जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। दिसंबर में होने वाली निपुण परीक्षा पहली बार निपुण प्लस एप के माध्यम से कराई जाएगी। इसका उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की भाषा और गणित में दक्षता को परखना है ताकि जो कमियां मिले, उनको दूर कर प्रत्येक बच्चे को निपुण किया जा सके।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि दिसंबर में होने वाली निपुण परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस परीक्षा में 1862 परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत 1.98 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और रिपोर्ट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से होगी।
इस नई व्यवस्था से समय की बचत के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा से पहले शिक्षकों को एप के उपयोग का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए। हर विद्यालय में टैबलेट या स्मार्टफोन के जरिए प्रश्नपत्र हल कराए जाएंगे।
एप के माध्यम से बच्चों के उत्तरों का मूल्यांकन स्वतः हो जाएगा और परिणाम तुरंत तैयार हो जाएगा। इससे शिक्षकों पर काम का बोझ भी कम होगा और परीक्षा प्रक्रिया में मानव त्रुटि की संभावना समाप्त हो जाएगी। इस संबंध में शिक्षकों को बच्चों के व्यक्तिगत प्रदर्शन की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी।