आदेश की अवहेलना पर मंगलवार को डीएम का पारा चढ़ गया। खफा डीएम ने नगर पालिका ईओ को एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी तक दे डाली। डीएम ने कहा कि 10 दिन बाद अफसरों के साथ फिर बैठूंगा। काम नहीं हुए तो एफआईआर करा दूंगा।
डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने मंगलवार को पर्यावरण समिति की बैठक में अफसरों को फटकार लगाई और स्वच्छता का पाठ भी पढ़ाया। डीएम ने कहा नगर पालिका सात दिन के अंदर सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट के लिए जगह नहीं तलाश लेती तो अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अफसर अपने क्षेत्र में एक दिन के भीतर कितना अपशिष्ट निकल रहा उसकी रिपोर्ट बना लें। उसी के हिसाब से जगह की तलाश करें। भविष्य को ध्यान में रखकर प्लानिंग करें। अब हर 10वें दिन समीक्षा की जाएगी। नगर पालिका की जमीनों पर अवैध कब्जे हटाने का आदेश संबंधित एसडीएम को दिया।
उन्होंने कहा कि कब्जे नहीं हटाए गए तो एसडीएम और ईओ दंड झेलने को तैयार रहे। अनूपशहर, अहार, कर्णवास, नरोरा में लिक्विड वेस्ट गंगा में न डालने दिया जाए। तालाब की जमीन पर जिन लोगों ने भवन बना लिए हैं उनको गिराया जाए।
शहर में टाइल्स पर निर्माण होता पाया गया तो ईओ जिम्मेदार होंगे। सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण हटाए। डीएम ने निरीक्षण की कार्य योजना तैयार करने का आदेश दिया। डीएम ने काली नदी पर जाली लगाने के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर ईओ को फटकारा और कहा की बहानेबाजी छोड़ काम पर ध्यान लगाए। एडीएम प्रशासन, इंदु प्रकाश सिंह, क्षेत्रिय अधिकारी प्रदूषण मौजूद रहे।