अलीगढ़ निवासी नागेंद्र ने बताया कि जवां थाना क्षेत्र में स्थित बरौला गांव निवासी उनके साले प्रदीप (29) जिओ फाइबर (वाई-फाई) कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में गाजियाबाद में नौकरी कर रहे हैं। मंगलवार को कार्यालय से छुट्टी लेकर बाइक से वह गांव आ रहे थे। जब वह पहासू के पलड़ा झाल पटरी मार्ग पर पहुंचे। तभी वहां पर अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई।
ऐसे में बीच मार्ग पर पड़े सूखे पेड़ से उनकी बाइक टकरा गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को पहासू सीएचसी पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर पहुंचे परिजन अस्पताल में प्रदीप का शव देख बिलख उठे।
वहीं, परिजनों ने प्रशासन पर सवाल उठाया कि मार्ग पर गिरा पेड़ अभी तक किसी ने नहीं हटाया। किसी की जान चली जाने के बाद ही पुलिस सक्रिय हुई और रातों रात पेड़ को हटा दिया गया। बहनोई नागेंद्र ने कहा कि यदि पेड़ पहले हटा दिया जाता तो आज प्रदीप जीवित होता।
तीन मासूम बच्चों से छूट गया पिता का साया
बहनोई ने बताया कि प्रदीप अपने पिता श्यामवीर के इकलौते बेटे थे। उनकी शादी करीब सात साल पहले पूनम के साथ हुई थी। पूनम और प्रदीप के तीन बेटे हैं, जिसमें सबसे बड़ा छह वर्षीय राज, चार वर्षीय रितेश और दो वर्षीय कौशल है। तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया छूट गया है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शव को पोस्टमार्टम जांच के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पेड़ को मार्ग से हटा दिया गया है। फिलहाल परिजनों की ओर से किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं दी गई। - प्रमोद कुमार, सीओ शिकारपुर