शादी-विवाह में बिटिया को दिया ‘शगुन’ भी पार्टी और प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा। दरअसल, 16 जनवरी से शादी विवाह का मुहूर्त शुरू हो रहा है। नेताजी बेटियों को शगुन और आशीर्वाद की आड़ में सियासी फायदा लेने का प्रयास करेंगे।
शादी विवाह में सियासी रंग चढ़ा तो इसका खर्च नेताजी के चुनाव बजट में जोड़ दिया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि शादी समारोह में सियासी पंचायत नहीं चलेगी। वहां पर घोषणा और भाषणबाजी भी नहीं होगी।
दरअसल शादियों में काफी भीड़ रहती है। समारोह की भीड़ में नेताजी सियासी शोशेबाजी कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। शादी समारोह में मिठाई वितरण, उपहार, साड़ी, कैश, ठंडाई समेत खाद्य सामग्री का कोई भी आइटम स्वीकार नहीं होगा। बताया गया कि छोटे छोटे उपहार ग्रामीण वोटरों पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं।
उपहार देने का मामला कहीं भी सामने आया तो आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में कार्रवाई की जाएगी। सूचना के लिए निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा की हेल्पलाइन जारी की हैं। विवाह समारोह में शस्त्र की नुमाइश हुई तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। शादियों में शस्त्रों के जब्त करने की प्रक्रिया भी चलेगी।
शादी विवाह शुरू हो गए हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि वहां नेताजी गिफ्ट आदि बांट सकते हैं। प्रचार प्रचार के साथ बिटिया को दिया गया शगुन आचार संहिता का उल्लंघन होगा।
- आंजनेय कुमार सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी