बुलंदशहर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में बुलंदशहर से लेकर बिहार तक की सियासत को साधने का प्रयास किया। उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान देने का जिक्र किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रधानमंत्री के इस निर्णय की प्रशंसा कर नए राजनीतिक समीकरण बनाने का प्रयास किया।
दरअसल, बिहार में दो बार मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर बड़े जननायक रहे हैं। लालू यादव और नितीश कुमार दोनों उनकी राजनीतिक विरासत पर दावा करते हैं और बिहार की सत्ता में कई बार काबिज रह चुके हैं। कर्पूरी ठाकुर के बेटे भी जेडीयू से राज्यसभा सांसद है। अब केंद्र सरकार ने निधन के करीब 35 साल से ज्यादा समय बीतने के बाद उन्हें भारत रत्न देकर बिहार के लोगों को साधने का प्रयास किया है। बुलंदशहर से भले ही कूर्परी ठाकुर का सीधा संबंध न रहा हो, लेकिन उन्होंने यह संदेश पूरे देश में देने का प्रयास किया है। बुलंदशहर समेत एनसीआर में बड़ी संख्या में बिहार के लोग रहते हैं।
सामाजिक न्याय का जिक्र कर विपक्ष पर साधा निशाना
कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का भाषण में जिक्र कर मोदी और योगी ने कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के पुरोधा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने वंचितों, दबे-कुचले और पिछड़े वर्ग को सम्मान देकर नेतृत्व की एक नई शृंखला को खड़ा किया, यह अभिनंदनीय है।