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Bulandshahar News: 80 हजार की रिश्वत लेते ईसीएचएस क्लीनिक प्रभारी रंगेहाथ गिरफ्तार

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सीबीआई द्वारा पकड़ा गया नेवी से सेवानिवृत्त कमांडर अशोक कुमार शर्मा। संवाद
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बुलंदशहर। सीबीआई ने नगर के डीएम रोड स्थित ईसीएचएस क्लीनिक के प्रभारी एवं सेवानिवृत्त कमांडर अशोक कुमार शर्मा को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इसके बाद आरोपी के नोएडा स्थित आवास पर भी टीम ने दबिश देकर जांच पड़ताल की।
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सैनिक व पूर्व सैनिकों के उपचार के लिए जनपद में डीएम रोड पर ईसीएचएस क्लीनिक खोला गया है। नगर के चार बड़े अस्पताल ईसीएचएस (भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना) के पैनल पर हैं। पैनल के अस्पतालों ने एक प्राइवेट फर्म को ईसीएचएस से बिल पास कराने के लिए माध्यम बनाया हुआ है। इस प्राइवेट फर्म के अधिकारी अखिलेश कुमार ने सीबीआई को शिकायत देकर बताया था कि ईसीएचएस क्लीनिक के प्रभारी अशोक कुमार शर्मा पैनल के चारों अस्पतालों के संचालकों से मरीजों का अप्रूवल देने के नाम पर एक लाख रुपये महीना की मांग कर रहे हैं।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसी के तहत एक टीम बुधवार को बुलंदशहर पहुंची। एक व्यक्ति को अस्पताल का प्रतिनिधि बनाकर ईसीएचएस प्रभारी अशोक कुमार शर्मा के पास भेजा। उससे भी अशोक शर्मा ने उससे एक लाख रुपये प्रति महीते की मांग की। बातचीत में 80 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। रकम पकड़ते ही सीबीआई की टीम ने अशोक कुमार शर्मा को रंगेहाथ पकड़ लिया और अपने साथ लेकर चली आई। इसके बाद आरोपी के गौतमबुद्धनगर स्थित आवासों पर भी दबिश देकर जांच की। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद में पेश किया गया।
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इस तरह काम करता है ईसीएचएस
ईसीएचएस सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती है। सभी जनपदों में ईसीएचएस के पैनल पर कुछ अस्पताल होते हैं। इन अस्पतालों में मरीजों के पहुंचने पर ईसीएचएस क्लीनिक प्रभारी से अप्रूवल लिया जाता है। इसी अप्रूवल को देने के नाम पर ईसीएचएस प्रभारी अशोक कुमार शर्मा प्रति माह एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे।

नहीं पहुंचा कोई भी स्टाफ
बुधवार को सीबीआई की कार्रवाई को पूर्ण रूप से गोपनीय रखा गया। पैनल के सभी अस्पतालों से भी संपर्क किया गया और कार्रवाई के दौरान किसी को भी ईसीएचएस क्लीनिक नहीं जाने दिया गया। बुधवार को पैनल के किसी भी अस्पताल का कर्मचारी या संबंधित प्राइवेट फर्म का कर्मचारी क्लीनिक पर नहीं पहुंचा था।
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