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Bulandshahar News: सड़कों पर दौड़ रहे मानक के विपरीत ई-रिक्शा, लोगों की जान से खिलवाड़

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सड़क पर खड़ा अ​धिक चौड़ाई क्षमता वाला ई-रिक्शा। संवाद
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बुलंदशहर। नगर से लेकर जिलेभर की सड़कों पर तय मानकों के विपरीत बड़े आकार के ई-रिक्शा खुलेआम दौड़ रहे हैं। सड़कों पर 4 प्लस-1 की जगह 6 प्लस-1 क्षमता के ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। ई-रिक्शा निर्माता कंपनियां और चालक अपने मुनाफे के चक्कर में आम लोगों की जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। परिवहन, यातायात विभाग और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
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संभागीय परिवहन विभाग में 14,167 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। विभाग में 4 प्लस-1 की क्षमता का पंजीकरण किया जाता है। वहीं, जिले में 20 से अधिक कंपनियों के ई-रिक्शा बिक्री हो रहे हैं। नियमों के अनुसार एल-थ्री श्रेणी के ई-रिक्शा की अधिकृत क्षमता सिर्फ 4+1 ही है लेकिन अधिकांश कंंपनियां बिना किसी तकनीकी प्रशिक्षण, मान्यता या डिजाइन स्वीकृति के 6 प्लस-1 क्षमता वाले ई-रिक्शा तैयार कर रही हैं। इन ई-रिक्शाें की चौड़ाई इसलिए बढ़ाई जा रही है, जिससे पीछे की सीटों पर दो के बजाय तीन यात्री बैठ सकें। क्षमता से दोगुने यात्री बैठने के कारण अक्सर ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ता है और सड़कों पर हादसों का ग्राफ बढ़ रहा है।





चालक की सीट पर तीन लोग कर रहे सफर

ई-रिक्शा में पीछे वाली सीट पर दो-दो व आगे वाली सीट पर सिर्फ एक व्यक्ति (चालक) को बैठने का नियम है। लेकिन अधिकांश ने नियम विरुद्ध ई-रिक्शा ले रखे हैं। जिससे वे तीनों सीटों पर तीन-तीन यात्रियों को बैठाकर सफर करवाते नजर आ रहे हैं। अत्यधिक चौड़ाई के कारण ये ई-रिक्शा आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं।
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ई-लोडर भी मानकों के विपरीत



जिले में सवारी ढोने वाले ई-रिक्शा ही नहीं, बल्कि माल ढोने वाले ई-लोडर भी मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अधिकांश की लंबाई, चौड़ाई और औसत रफ्तार को अवैध रूप से बढ़ा दिया गया है। विभागीय अफसरों के अनुसार ई-लोडर की निर्धारित चौड़ाई 1 मीटर और लंबाई 2.8 मीटर होनी चाहिए, जबकि अधिकतम रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा तय है।





कोट

ई-रिक्शा और लोडर निर्धारित मानकों से अधिक चौड़ाई के बनाकर बेचे जाने की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। साथ ही नियमानुसार संचालन व बिक्री न होने पर कार्रवाई की जाएगी। - सतीश कुमार, एआरटीओ प्रशासन

सड़क पर खड़ा अधिक चौड़ाई क्षमता वाला ई-रिक्शा। संवाद

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