बुलंदशहर। वातावरण में धूल और धुआं का बोलबाला है। हवा अपनी सेहत के लिए पानी मांग रही है। हालात ये हैं कि लोगों को अब सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी है। बच्चों और दमा रोगियों के लिए दिक्कतें दिन पर दिन बढ़ती जा रहीं हैं। जिले में वायु प्रदूषण रोकने के लिए 19 विभागों को जिम्मेदारी दी गई है लेकिन हालात में किसी भी स्तर पर सुधार नजर नहीं आ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई बढ़ने के बाद बुलंदशहर में बुधवार शाम से ग्रैप की पहली स्टेज लागू कर दी गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुक्रवार को बुलंदशहर का एक्यूआई 190 मापा। बृहस्पतिवार को यह 200 था। हवा की गति बढ़ने से मामूली सुधार हुआ है।
प्रदूषण विभाग, नगर निकाय, कृषि विभाग, ट्रैफिक पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग व परिवहन समेत करीब 19 विभागों को मिलकर काम करना है। कुछ विभागों को छोड़कर अन्य केवल खानापूर्ति में लगे हैं।
पहली शर्त ही फेल : ग्रैप के पहले चरण में पहली पाबंदी खुले में कूड़ा जलाने पर है। जिले में यही नियम सबसे ज्यादा टूट रहा है। नगर के ईदगाह रोड के चौराहे पर कचरे ढेर को को किसी ने आग के हवाले कर दिया। इमलिया में ऑक्सीजन प्लांट के सामने प्लास्टिक का बैग बहुत देर तक जलता रहा। खुर्जा के जीटी मार्ग स्थित रामलीला मैदान में भी कूड़ा जलाया गया। सिकंदराबाद क्षेत्र के बिलसूरी गांव में कूड़े के ढेर से धुआं उठता नजर आया।
सड़कों पर उड़ रही धूल छिड़काव कागजों में
शुक्रवार को कालाआम चौराहे से स्याना बस अड्डा, शिकारपुर रोड, चांदपुर रोड, तहसील रोड, यमुनापुरम, वलीपुरा नहर से खुर्जा रोड समेत अन्य मार्गों पर सड़कों पर धूल उड़ती नजर आई। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूर्या व पुनीत ने बताया कि मार्गों पर पानी का छिड़काव हो तो धूल उड़ने से राहत मिले। पालिका केवल खानापूर्ति कर रही है।
जिले के अन्य क्षेत्र तो दूर की बात है नगर की सड़कों पर भी नियमित छिड़काव नहीं हो पा रहा। सड़कों के किनारे खुले में निर्माण सामग्री पड़ी हुई है। बिल्डिंग मैटेरियल को ढककर रखना अनिवार्य है लेकिन कोई ढक नहीं रहा। 500 मीटर या इससे बड़े प्लॉट के निर्माण और ध्वस्तीकरण पर रोक के आदेश हैं लेकिन निर्माण कार्य लगातार जारी हैं।
पंपों पर बिना पीयूसीसी के मिल रहा पेट्रोल
नगर समेत जिलेभर में पुराने दोपहिया वाहनों को काटकर लोगों ने जुगाड़ से रिक्शा बना लिया है। जिनमें अधिकांश का पंजीकरण भी निरस्त हो चुका है लेकिन वह अभी भी संचालित हो रहे हैं। जिनसे निकलने वाले धुएं से भी प्रदूषण बढ़ता है। वहीं, पेट्रोल पंप पर बिना पीयूसीसी के वाहन चालकों को पेट्रोल दिया जा रहा है।
हालांकि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने दिल्ली रूट पर बीएस-4 व 5 बसों का संचालन पिछले एक माह से रोक रखा है। वहां केवल बीएस-6 बसों को भेजा जा रहा है। उधर, संभागीय परिवहन निगम ने समयावधि पूरी कर चुके करीब 300 वाहनों को स्क्रैप कराने का नोटिस जारी किया है। यह दो कदम ही ऐसे हैं जो जमीन पर दिख रहे हैं।
चार किसानों पर 17,500 रुपये का जुर्माना
उप कृषि निदेशक बबलू कुमार ने बताया कि दिल्ली स्थित सैटेलाइट से जिले के अलग-अलग स्थानों पर फसल अवशेष जलाने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने संबंधित गांवों में पहुंचकर जांच की। फसल अवशेष जलाने पर पहासू क्षेत्र के गांव त्योर बुजुर्ग निवासी किसान रोहित और हेमंत पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
शिकारपुर के गांव रहमापुर निवासी किसान अनूप पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। ऐसे ही सिकंदराबाद के गांव आजमपुर हुसैन निवासी किसान विनोद पर ढाई हजार और अरनिया क्षेत्र के गांव अरनिया मंसूरपुर निवासी किसान राकेश पर भी पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कृषि विभाग ने की है।
ये करें उपाय
मास्क का प्रयोग जरूर करें।
खुले में व्यायाम करने से बचें।
धूम्रपान, कचरा जलाने, अगरबत्ती और धूप के अत्यधिक इस्तेमाल से बचें।
खाना बनाते समय वेंटिलेशन रखें।
हवा की गुणवत्ता बेहतर होने पर वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां खोल सकते हैं।
एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर फिल्टर की नियमित सफाई करें।
कचरा और पत्तियां न जलाएं और नियमों का पालन करें।
लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या आंखों में तेज जलन होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
सभी निकायों को पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कूड़ा-कचरा जलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए पालिका अफसरों को कहा गया है। सभी विभागों से प्रतिदिन किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिस स्तर पर लापरवाही होगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अभिषेक कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व व नोडल अधिकारी
नगर के ईदगाह रोड पर जलता कूड़ा। संवाद