हापुड़-बुलंदशहर के बीच बीबी नगर में बहने वाली लखावटी गंगनहर की कच्ची पटरी कटने हजारों किसानों को नुकसान पहुंचा है। गंगनहर की पटरी कटने से 300 बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
लखावटी गंगनहर की कच्ची पटरी कटने से किसानों की 300 बीघा गन्ने व पशुओं के चारे की फसल जलमग्न हो गई। बृहस्पतिवार सुबह खेतों की ओर गए किसानों ने पटरी कटी देख प्रशासन को सूचना दी। प्रशासनिक टीम मय जेसीबी के मौके पर पहुंच कटान को रोकने में लगी है।
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मध्य गंगनहर की लखावटी ब्रांच में तीन दिन पहले ही पानी छोड़ा गया था। क्षेत्र के गांव कुचेसर किला के नगला उग्रसेन व नगला कटक में बुधवार की रात नहर की कच्ची पटरी कट गई, जिससे किसानों की 300 बीघा फसल जलमग्न हो गई।
बृहस्पतिवार सुबह खेतों पर गए किसानों ने पटरी कटी देख प्रशासन को सूचना दी। सूचना पर नायाब तहसीलदार रतन बरनवाल मय टीम व जेसीबी मशीन के मौके पर पहुंचे। किसान कृष्णपाल सिंह, अंकुर शर्मा, रामलाल प्रजापति, मनोज कुमार, सोविंद सिंह, सत्यपाल सिंह व बिजेंद्र शर्मा आदि किसानों की करीब 300 बीघा फसल जलमग्न हुई है।
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किसानों ने बताया कि खेतों में गन्ने व पशुओं के चारे की फसल बोई गई थी जो पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों के सामने पशुओं के चारे के संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने खराब हुई फसल के मुआवजे की भी मांग की है।
नायाब तहसीलदार रतन बरनवाल ने बताया कि सिंचाई विभाग को पानी को रोकने के लिए सूचना दी गई है। पानी का स्तर कम होने के बाद मशीन के माध्यम से पटरी पर मिट्टी डलवाई जा रही है। जल्द ही टूटी पटरी को सही करा दिया जाएगा।