डॉल्फिन और जलीय जीवों के संरक्षण की कमान संभालेंगे ग्रामीण
बुलंदशहर। गंगा नदी की शान डॉल्फिन के साथ अन्य जलीय जीवों के संरक्षण के लिए वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने नई शुरुआत करने की तैयारी की है। इन जलीय जंतुओं के संरक्षण के लिए दोनों संस्थाओं ने योजना बनाई है, जिसमें ग्रामीणों को प्रहरी के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीणों को बकायदा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। वन विभाग प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी में जुट गया है।
जनपद की सीमा से होकर गुजर रही गंगा नदी में जलीय जीवों की भरमार है। गंगा नदी की शान को गत कई वर्षों से डॉल्फिन बढ़ा रही है। इस समय गंगा नदी के रामसर साइट में 34 डॉल्फिन उछल-कूद करती देखी जा सकती है। इनकी गतिविधियों पर वन विभाग के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की पैनी निगाह रहती है। डॉल्फिन गंगा के पानी को निर्मल और अविरल बनाने में काफी सहायक बताई जाती है। वहीं, दूसरी ओर गंगा के पानी को शुद्ध रखने के लिए विभाग की ओर से गत वर्षों में सैकड़ों कछुआ और घड़ियाल भी छोड़े जा चुके हैं।
यह सब काम केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत हो रहा है। पिछले दिनों गंगा नदी में दो डॉल्फिन की संदिग्ध परिस्थितियाें में मौत हो गई थी। इसे लेकर वन विभाग के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने अब डॉल्फिन के साथ अन्य जलीय जीवों के संरक्षण की दिशा में एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। बताया गया कि इसके लिए रामसर साइट में गंगा किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को प्रहरी बनाया जाएगा। प्रत्येक गांव में टीम बनाई जाएंगी। इन टीमों में उन ग्रामीणों को अधिक शामिल किया जाएगा, जो गंगा किनारे खेती या फिर खादर में पालेज आदि की फसल करते हैं। जलीय जीवों के संरक्षण और उन पर निगाह रखने के लिए विभाग की ओर से गठित होने वाली टीमों में शामिल ग्रामीणों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि इसकी शुरुआत कर दी गई है। जल्द ही ग्रामीणों का चयन कर टीम गठित कर दी जाएगी। साथ ही कार्य की शुरुआत के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने की तैयारी भी लगभग पूरी कर ली गई है।
इस तरह से प्रशिक्षित होंगे ग्रामीण
गंगा में डॉल्फिन, कछुआ और घड़ियाल आदि के संरक्षण के लिए ग्रामीणों को डॉल्फिन की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ कछुआ के अंडे किस तरह से संरक्षित किए जा सके। इसके लिए विशेष जानकारी दी जाएगी। वहीं, डॉल्फिन आदि जलीय जीवों का शिकार न होने पाए। इसके लिए भी ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।
गंगा नदी में डॉल्फिन और अन्य जलीय जीवों का संरक्षण बहुत जरूरी है। इसलिए विभाग के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने अब गंगा किनारे गांवों के ग्रामीणों को प्रहरी बनाकर उन्हें प्रशिक्षित करने की पहल शुरू की है। इसे पूरा करने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भी भेजा जा रहा है।
गौतम सिंह, डीएफओ, बुलंदशहर