अनुपस्थित चल रहीं दोनों शिक्षिकाओं के दस्तावेज निकले फर्जी
बुलंदशहर। जनपद में फर्जी शिक्षिका अनामिका का खुलासा होने के बाद अब दो और शिक्षिकाओं की नियुक्ति फर्जी निकलने से विभाग में हड़कंप है। पिछले काफी समय से अनुपस्थित चल रही दो शिक्षिकाओं के दस्तावेज किसी दूसरे के निकले हैं। इसका खुलासा हरदोई और फर्रुखाबाद में जांच कर लौटी टीम ने किया है। अब इन दोनों शिक्षिकाओं पर अफसरों ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
जनपद के कस्बा स्याना स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पिछले दिनाें फर्जी नियुक्त हुई अनामिका नाम की शिक्षिका का खुलासा हुआ था। इसके साथ ही लखावटी और खुर्जा स्थित स्कूलों से दो शिक्षिकाएं पिछले काफी समय से बिना बताए अनुपस्थित चल रही थी। जब इनका पता करने का प्रयास किया गया तो अफसरों को संदेह हुआ। इस पर सच्चाई का पता करने के लिए विभागीय टीम हरदोई और फर्रुखाबाद भेजी गई। जहां पर इन दोनों शिक्षिकाओं के दसवीं और 12वीं आदि के शैक्षिक दस्तावेजों की जांच की गई। इस जांच में जब खुलासा हुआ कि इन शिक्षिकाओं की नियुक्ति फर्जी है और उन्होंने अपनी नियुक्ति किसी दूसरे के दस्तावेजों पर पाई थी। इन शिक्षिकाओं ने खुर्जा के स्कूल में अंजलि और लखावटी के स्कूल में प्रीति के नाम से नौकरी की है। जांच कर वापस लौटी टीम ने बीएसए को अपनी जांच रिपोर्ट बनाकर दे दी है। बीएसए का कहना है कि इन दोनों शिक्षिकाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इन्हें ट्रेस किया जा रहा है और जल्द ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के साथ नौकरी के दौरान प्राप्त किए वेतन की राशि की भी रिकवरी होगी। इन दोनों शिक्षिकाआें ने कब से कब तक नौकरी की। इसकी जानकारी दोनों विद्यालयों को पत्र लिखकर मांग ली है। इन दोनों शिक्षिकाओं का नाता भी जनपद मैनपुरी से है। जांच टीम की ओर से बीएसए को दी गई रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि उन्होंने जिन शैक्षिक दस्तावेजों पर नियुक्ति पाई थी वह हरदोई और फर्रुखाबाद से संबंधित हैं। प्रदेश भर के अन्य जनपदों में फर्जी नियुक्ति के जो भी मामले सामने आ रहे हैं उनके तार कहीं न कहीं मैनपुरी से जुड़े हुए हैं।
अनामिका का अब तक नहीं लगा सुराग
कस्बा स्याना स्थित कस्तूरबा स्कूल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने वाली शिक्षिका अनामिका का लाख प्रयास के बाद भी अभी तक सुराग नहीं लगा है। उसकी तलाश को विभाग की टीम ने कई जनपदों में जाकर पता किया। बावजूद इसके कोई सफलता नहीं मिली है। अब विभागीय अफसर उसके नाम और पते समेत अहम सबूत तलाशने में जुटे हैं। बीएसए का कहना है कि जल्द ही अनामिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
दूसरों के नाम दस्तावेजों पर फर्जी नियुक्ति पाकर नौकरी कर गायब होने वाली दोनों शिक्षिकाओं पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। अनामिका का नाम और पता करने के लिए अहम सबूत तलाशे जा रहे हैं। - अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी