तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना ने निरीक्षण कर दिए थे ध्वस्त करने के निर्देश
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जिलाधिकारी ने मेटरनिटी विंग के निरीक्षण के दौरान घटिया सामग्री से बनाई गई सीढ़ियों को तत्काल तोड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक यह सीढ़िया ज्यों की त्यों हैं। डीएम के तबादले के बाद अब शायद ही मुमकिन है कि घटिया सामग्री से बनी यह सीढ़ियां टूट पाएं।
वहीं, मेटरनिटी विंग का निर्माण बीडीए से बिना एनओसी लिए करने का मामला भी सामने आया है। बीडीए द्वारा निर्माणदायी संस्था को नोटिस जारी किए जाने की तैयारी चल रही है। जिला अस्पताल में 18.91 करोड़ से बन रही मेटरनिटी विंग का निर्माण कार्य घटिया सामग्री से करने का मामला सामने आया था।
तत्कालीन जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना के निरीक्षण के दौरान सामने आया था कि विंग का निर्माण घटिया सामग्री से किया जा रहा है। डीएम ने निर्माणधीन सीढ़ियों को तत्काल तोड़ने और दोबारा निर्माण के निर्देश दिए थे, लेकिन डीएम के आदेशों का अभी तक पालन नहीं किया गया।
डीएम के निर्देशों को भी ठेंगा दिखाया जा रहा है। अफसरों की कोशिश है कि किसी भी प्रकार मेटरनिटी विंग के निर्माण की तीसरी और आखिरी किश्त भी जारी करा ली जाए। बीडीए सचिव शैलेंद्र चौधरी ने बताया कि विंग का निर्माण बिना एनओसी किया जा रहा है।
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान निकली आपत्तियों को दूर किया जाएगा। मेटरनिटी विंग के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस बाबत निर्माणदायी संस्था के अफसरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ