अब डीएम अवैध खनन में पकड़े गए वाहन और खनिज पर जुर्माना नहीं लगा पाएंगे। डीएम से जुर्माना लगाने के साथ ही वाहन और खनिज रिलीज करने का अधिकार छीन लिया गया है। इस संबंध में शासन के आदेश की चिट्ठी डीएम के पास पहुंच गई है। अब तक अवैध मिट्टी और बालू खनन में पकड़े गए वाहनों को डीएम द्वारा जुर्माना वसूलकर रिलीज कर दिया जाता था।
वाहन पर अधिकतम 25 हजार रुपये और खनिज पर रायल्टी का पांच गुना जुर्माना वसूलने का नियम था। मगर अब व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत डीएम अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों को नहीं छोड़ पाएंगे और न ही खनिज का जुर्माना ही वसूल पाएंगे। शासन ने कहा है कि जुर्माना लगाने और वाहनों को रिलीज करने में डीएम का कोई रोल नहीं होगा।
अवैध खनन पकड़ने वाला अफसर संबंधित थाने में बाकायदा खनन माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगा। इसके बाद न्यायालय में मामले को सुनकर निपटाया जाएगा। शासन ने नई व्यवस्था प्रदेश में अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए लागू की है। अब तक होता यह था कि अवैध खनन पकड़ने पर वाहनों को एक दो दिन में रिलीज कर दिया जाता था।
वाहन स्वामियों से एक समान जुर्माना नहीं वसूला जाता था, मगर कोर्ट के आदेश से ऐसा नहीं होगा। बता दें कि जनपद में फिलहाल अवैध खनन में पकड़े गए 40 वाहन सीज हैं। वाहन स्वामियों को अपने वाहन कोर्ट से छुटाने होंगे।