संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। हवा में घुली धूल और धुएं के कारण लगातार तीसरे दिन शनिवार को बुलंदशहर का एक्यूआई 300 के पार रहा। जिला अस्पताल में 14 मरीजों को ऑक्सीजन लगाई गई, इसमें दो को भर्ती किया गया। वहीं, सरकारी व निजी अस्पतालों में 680 मरीजों ने सांस लेने में परेशानी बताई। शनिवार को बुलंदशहर का एक्यूआई 319 रहा तो खुर्जा का एक्यूआई 253 मापा गया। वहीं, एक्यूआई 300 पार होने पर ग्रैप की तीसरी स्टेज लागू कर दी है।
जिले की वायु गुणवत्ता बृहस्पतिवार से लाल श्रेणी में चल रही है। लगातार तीन दिन तक एक्यूआई 300 से अधिक होने पर लोगों को खांसी, गले में खरास, आंखों में जलन, नजला और सांस लेने की समस्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में पिछले तीन दिन से इन सभी समस्याओं को लेकर मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, लंबी बीमारी से पीड़ित मरीजों की हालत गंभीर होने लगी है। शनिवार को जिला अस्पताल में 304 ने सांस लेने में परेशानी बताई तो 14 को ऑक्सीजन लगाने के साथ दो को भर्ती किया गया। उधर, वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर प्रदूषण विभाग ने ग्रैप की तीसरी स्टेज लागू कर दी हैं और इससे बचाव को लेकर सभी विभागों से सहयोग मांगा हैं। शनिवार को सीपीसीबी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार हवा की गुणवत्ता का सूचकांक बुलंदशहर का 319 तो खुर्जा को 253 मापा गया।
सांस लेने में परेशानी होने पर कराया भर्ती
मोहनकुटी निवासी 50 वर्षीय रामा सिंह पुत्र किशनलाल को शनिवार सुबह सांस लेने में परेशानी होने लगी। हालत में सुधार न होने पर पत्नी राजवती बेटों संग उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जिन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर ऑक्सीजन लगाई गई। करीब दो घंटे बाद व्यक्ति की हालत में सुधार देखने को मिला। फिलहाल वह भर्ती हैं। यहीं, समस्या निजी अस्पताल में पहुंचे सुनील, रजनी, कांता, रहीस, मनोज आदि की रही। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष एवं फिजिशियन डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि हर तीसरा मरीज सांस लेने में परेशानी व गले में खरास होने की समस्या लेकर आ रहा है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अधिकारी सपना श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में ग्रैप की तीसरी स्टेज लागू कर दी गई है। निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने के साथ फैक्टरी व कारखानों के आसपास पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण को लेकर मॉनिटरिंग की जा रही है।