क्षेत्र के खंड विकास कार्यालय, प्राथमिक विद्यालयों एवं नगरपालिका परिषद कार्यालय का जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में गंदगी देखकर जहां उन्होंने खासी नाराजगी जताई, वहीं कर्मचारियों की उपस्थिति भी जांची।
डीएम सुबह ग्राम मिट्ठेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। वहां विद्यालय के गेट पर खड़े ट्रक व बौंगे-बिटौरे के ढेरों पर एवं विद्यालय में शौचालयों में गंदगी देख डीएम ने खासी नाराजगी जताई। साथ ही तहसीलदार को जांच के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया।
विद्यालय में 95 में से सिर्फ 38 छात्राएं मौजूद थीं। विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंपों पर पानी की निकासी ठीक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने जल निगम से जवाब मांगने को कहा। एक शिक्षिका की अनुपस्थिति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।
प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षिकाएं अनुपस्थित मिलने पर उन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। डीएम ने नगरपालिका परिषद कार्यालय पहुंच दस्तावेजों के निरीक्षण के साथ उपस्थिति रजिस्टर भी देखा। उन्होंने हाईवे पर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाने और सड़क पर खड़ी होने वाली बसें भी हटवाने का निर्देश दिया।
डीएम ने खंड विकास कार्यालय पहुंच कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर देखा। वहीं प्रभारी बीडीओ तथा एडीओ के न मिलने पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और प्रांगण में साफ सफाई के निर्देश दिए।
‘पेंशन प्रपत्र में देरी के लिए अफसर होंगे जिम्मेदार’
डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि पेंशन प्रपत्र में देरी के लिए विभागीय अफसर जिम्मेदार होंगे। साथ ही उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई भी होगी। यह बातें डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था के एक दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
सम्मेलन में जिला कोषाधिकारी आत्म प्रकाश वाजपेयी के अलावा संस्था के प्रांतीय संरक्षक रामजी अवस्थी, महामंत्री एनपी त्रिपाठी ने भी पेंशन और जीपीएफ से संबंधित अपने विचार रखे।