सरकारी राशन की दुकानों पर सब्सिडी पर चीनी लेने वाले कार्डधारकों के लिए बुरी खबर है। राशन की दुकान से मिलने वाली चीनी अब नहीं मिलेगी। सरकारी सस्ते राशन की दुकानों पर चीनी का आवंटन बंद कर दिया गया है।
शासन और खाद्य एवं रसद विभाग के इस आदेश से सबसे अधिक मार गरीब तबके के लोगों पर पड़ेगी। पहले साढ़े 13 रुपये किलो चीनी लेने वाले गरीब लोगों को अब करीब तीन गुना महंगे दाम पर चीनी खरीदनी पड़ेगी। वहीं इस फैसले से जिले के नौ लाख राशन कार्ड उपभोक्ता अब सरकारी चीनी की मिठास नहीं ले पाएंगे।
जिले में सरकारी राशन की 1426 दुकान संचालित हैं। इन पर करीब नौ लाख राशन कार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें 6.50 लाख उपभोक्ता फूड सिक्योरिटी से संबंधित हैं, जबकि शेष सामान्य राशन कार्ड धारक हैं। प्रत्येक माह इन उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से 626.8242 मीट्रिक टन चीनी का आवंटन किया जाता रहा है।
नियम रहा कि सामान्य उपभोक्ता को 800 ग्राम और फूड सिक्योरिटी एक्ट से संबंधित उपभोक्ताओं को दो किलो प्रति कार्ड चीनी मिलती थी। यह चीनी सब्सिडी पर 13.50 प्रति किलो मिलती थी। मगर, अब चीनी का आवंटन बंद हो गया है। शासन और खाद्य एवं रसद विभाग का यह आदेश अप्रैल माह से ही लागू हुआ है।
27.50 रुपये का पड़ेगा अतिरिक्त भार
खाद्य सुरक्षा योजना व सामान्य कार्ड धारकों को चीनी लेने को अब प्रति किलो 27.50 रुपये अतिरिक्त देना पड़ेगा। राशन की दुकानों पर चीनी की कीमत 13.50 रुपये प्रति किलो थी। यह चीनी शासन से सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जाती थी।
बाजार में इस समय चीनी का रेट 41 रुपये प्रति किलो है। ऐसे में अब राशन की दुकानों से चीनी लेने वाले उपभोक्ताओं को 27.50 रुपये प्रति किलो अतिरिक्त देने होंगे।