डायरिया से उपचार के दौरान गर्भवती महिला की मौत
बुलंदशहर/अनूपशहर। जिले में वायरल बुखार के साथ डायरिया का भी प्रकोप बढ़ता जा रहा है। प्रतिदिन सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी अस्पतालों में डायरिया और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को डायरिया से पीड़ित एक गर्भवती महिला की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, परिजन बिना किसी कार्रवाई व पोस्टमार्टम के शव अपने घर ले गए।
मौसम बदलने से जहां वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ा है तो वहीं, जगह-जगह जलभराव और गंदगी होने से डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। अनूपशहर नगर के मोहल्ला मीरा निवासी महिला रेशमा का छह माह पूर्व बुगरासी निवासी युवक शानू के साथ निकाह हुआ था। निकाह के बाद से महिला बीमार रहने लगी। दो माह पूर्व मायके पक्ष के लोग उसे अनूपशहर ले आए। आठ दिन पूर्व महिला को उल्टी-दस्त होने पर सरकारी चिकित्सालय में दिखाया गया। जहां महिला के उपचार के दौरान स्वास्थ्य में सुधार की जगह बिगड़ने पर रविवार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में सोमवार सुबह करीब नौ बजे महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गर्भवती महिला की मौत होने पर परिजन बिना किसी कार्रवाई और पोस्टमार्टम के शव को घर ले गए।
नियमित साफ-सफाई न होने से बढ़ रहे मामले
गांव देहात क्षेत्रों में मजरे, स्कूल/विद्यालय, धार्मिक स्थल और स्वस्थ्य केंद्र आदि बने हुए हैं। इनकी साफ-सफाई का जिम्मा सफाई कर्मियों पर ही होता है। लेकिन कर्मियों द्वारा विशेष दिन साफ-सफाई कर इतिश्री कर ली जाती है। वहीं वायरल बुखार एवं डायरिया का प्रकोप बढ़ने पर ने तो साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाता है और न ही दवा का छिड़काव कराया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियां पनपने लगती है और समय पर रोकथाम न किए जाने पर लोगों की मौत का कारण बन जाती है।
जिला अस्पताल में नहीं हो रही मरीजों की भीड़ कम, सोमवार को पहुंचे 1795
मौसम में बदलाव के साथ ही लोगों की सेहत पर वायरल बुखार कहर बरपा रहा है। ऐसे में लोगों को मलेरिया-डेंगू आदि बीमारी का भी डर सताने लगा है। हालांकि जिले में डेंगू का अभी एक संदिग्ध केस मिला है। वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1795 मरीजों ने पंजीकरण कराकर प्राथमिक उपचार कराया तो वहीं, गंभीर स्थिति होने पर 13 मरीज भर्ती किए गए। ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों में सर्वाधिक मरीज वायरल बुखार, डायरिया और सर्दी-जुकाम के रहे।
डायरिया से मौत मामले की जानकारी नहीं है। मृतका के गांव में जांच करवाई जाएगी। लोगों के बीमार मिलने पर शिविर लगाकर प्राथमिक उपचार किया जाएगा। बीमारियों से बचने के लिए अपने घरों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीमएओ