जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन में शामिल शिक्षक। संवाद
बुलंदशहर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर शनिवार को शिक्षकों ने शिक्षा के निजीकरण व बाजारीकरण के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही अपनी 22 सूत्रीय मांगों व समस्याओं का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम भेजकर पूरा करने की मांग उठाई। शिक्षकों की मांग को पूरा करने व उनकी समस्याओं को दूर करवाने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट की ओर से यह आवाज बुलंद की गई।
संघ के जिला अध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि शिक्षकों की स्थानांतरण, पुरानी पेंशन बहाली, सहायता प्राप्त विद्यालयों का राजकीयकरण, लिखित परीक्षा के माध्यम से प्रधानाचार्य की भर्ती, भ्रष्टाचार रोकने के लिए ई-फाइलिंग की व्यवस्था, वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन एवं सुरक्षा सहित 22 मांग शामिल व समस्याएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन मांगों को यदि जल्द पूरा नहीं किया गया तो सड़क पर उतर कर संघर्ष किया जाएगा। पुष्कर यादव, सुरेश चंद गुप्ता, दर्शन कुमार व खुर्शीद आलम राही ने भी शिक्षकों की मांग पूरी करने व समस्याओं का निस्तारण करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश त्यागी ने कहा कि हमारे बड़े बुजुर्गों ने सेवा सुरक्षा और वेतन वितरण अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां दी है। हमें इन उपलब्धियों को संरक्षित रखना है तथा सरकार की शिक्षा विरोधी और शोषणकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करना होगा।
धरने की अध्यक्षता बिजनेश शर्मा ने की। इस दौरान जिलामंत्री भूपेंद्र कुमार,कोषाध्यक्ष नीरज गोयल, मीडिया प्रभारी नरेंद्र सिंह, नीलम सागर, अरुणा मनोज कुमार व ब्रिजराज सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।