दिवाली से एक दिन पहले धनतेरस शुक्रवार को है। पंडित नरेश शर्मा के अनुसार धनतेरस पर शुक्रवार को दोपहर बाद 4:30 बजे तक पूजा और सामान आदि की खरीददारी की जा सकेगी। इसके बाद 6:00 बजे तक राहु काल रहेगा, जिसमें पूजा और खरीदारी नहीं की जा सकती। शाम के समय 6:30 बजे से 7:30 बजे तक भद्रा रहेगी।
जिसके चलते भगवान धनवंतरी की पूजा इसके बाद ही शुरू होगी। बता दें कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इसी दिन भगवान धनवंतरी प्रकट हुए थे। पुराणों के अनुसार देवताओं व दैत्यों ने जब समुंद्र मंथन किया था तो उसमें से कई रत्न निकले थे।
समुंद्र मंथन के अंत में भगवान धनवंतरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पत्र की त्रयोदशी ही थी। भगवान धनवंतरी को भगवान विष्णु का अंशावतार भी माना गया है। इस दिन बर्तन आदि खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन वस्तु खरीदने से उसमें 13 गुणा वृद्धि होती है।
इस अवसर पर धनिया के बीज खरीद कर भी लोग घर में रखते हैं। दिवाली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं। इस दिन खासकर डॉक्टर भगवान धनवंतरी की पूजा करते हैं।
पूर्वसंध्या पर जाम से जूझते रहे बाजार
धनतेरस से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को बाजार में जाम लगा। बाजारों मेें जगह-जगह लगे जाम ने सबको बेहाल कर दिया। इससे जहां पुलिस के दावों की पोल खुल गई वहीं आमजन के साथ दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी वाहन चालकों को उठानी पड़ी।
शुक्रवार को धनतेरस पर भी बाजारों में लोगों को जाम से जूझना पड़ेगा। हालांकि पुलिस का दावा है कि जाम नहीं लगने दिया जाएगा। धनतेरस और दिवाली पर बाजार सज चुके हैं। दुकानदारों ने अपना सामान भी सड़क पर जमा दिया है। बृहस्पतिवार को भी बाजारों में दिवाली का सामान खरीदने ग्राहक पहुंचे।
जिसके चलते जाम की स्थिति बन गई और सुबह 10 बजे से लेकर देर शाम तक जगह-जगह जाम से सबको जूझना पड़ा। अंसारी रोड, लाल कुआं, बूरा बाजार, चौक बाजार, काली नदी रोड, डिप्टी गंज, मोती बाग और रोडवेज बस अड्डा मार्ग आदि बाजारों में बार-बार जाम लगने से वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लगती रही। इससे पुलिस व्यवस्था की भी पोल खुल गई। हालांकि पुलिस का दावा है कि बाजारों में जाम नहीं लगने दिया जाएगा।