पेड़ी गन्ना समय से आपूर्ति और पर्ची मिलने में देरी जैसी समस्याओं को लेकर भाकियू कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को किसानों के साथ अनामिका शुगर मिल गेट पर धरने पर बैठ गए। बातचीत करने आए मिल के डीजीएम और जीएम को किसानों ने अपने बीच बैठा लिया। समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर समाधान करने के आश्वासन मिलने पर दो घंटे बाद दोनों अधिकारियों को किसानों ने छोड़ा।
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान की अगुवाई में 60-70 किसान नारेबाजी करते हुए अनामिका शुगर मिल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। युवा जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान और जिला प्रभारी चौधरी तेजवीर सिंह ने कहा कि मिल प्रबंधन सामान्य प्रजाति के पेड़ी गन्ने की आपूर्ति सही समय से किसानों को नहीं कर रहा है। जिसके चलते सामान्य जाति का गन्ना खेतों में खड़ा है।
अप्रयुक्त गन्ना पर्ची मिल कार्यालय में जमा करने के बाद भी दूसरी पर्ची दो सप्ताह के बाद मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईटीपी वाटर प्लांट के सही तरीके से काम नहीं करने के कारण मिल का दूषित पानी रिबोर के जरिए जमीन में डाला जा रहा है। जिससे क्षेत्र का भूगर्भ दूषित हो गया है।
धरने की सूचना पर जीएम पीके मल्होत्रा, डीजीएम केन विश्वासराज किसानों से बातचीत करने पहुंचे तो किसानों ने दोनों को बंधक बनाकर अपने बीच बैठा लिया और खूब खरीखोटी सुनाई। बाद में दोनों अधिकारियों ने समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने का भरोसा दिलाया।
तब जाकर किसान शांत हुए। इस दौरान राजकुमार शर्मा, ब्रहमपाल सिरोही, नरेश राघव, मनवीर प्रमुख, देवेन्द्र सिंह, अमरपाल प्रधान, रविकरन सिंह, विक्रम सिंह, महेश शर्मा, सतपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, श्रीपाल सिंह, दिनेश चौधरी, राजवीर सिंह, अजब सिंह आदि मौजूद रहे।
गन्ना किसानों के खेतों में खड़ा पेड़ी गन्ने का सर्वे कराकर शीघ्र पर्ची उपलब्ध करा दी जाएगी। बाकी समस्याओं पर विचार कर समाधान किया जाएगा। - पीके मल्हौत्रा जीएम अनामिका शुगर मिल