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डीएफसी की टीम को किसानों ने खदेड़ा

Sun, 19 Mar 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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अन्य - फोटो : अमर उजाला
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खबरा कमालपुर गांव के पास फ्रेट कॉरीडोर का काम शुरू करने पहुंची निर्माण कंपनी डीएफसी की टीम को किसानों ने खदेड़ दिया। निर्माण कंपनी द्वारा काम शुरू करने को लेकर मैना मौजपुर गांव में धरने पर बैठे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।

किसानों ने कहा कि अगर यहां काम शुरू हुआ तो वह अपने हक के लिए जान भी देने को तैयार बैठे हैं। किसानों ने कहा रणनीति तैयार हो गई है जल्द ही रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर 193वें दिन शनिवार को भी किसान धरने पर बैठे रहे।
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किसान नेता सुग्रीव सोलंकी ने बताया कि खबरा कमालपुर गांव के बीच जेसीबी लेकर फ्रेट कॉरीडोर का काम शुरू करने पहुंची डीएफसी की टीम को किसानों ने विरोध करते हुए भगा दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में वह काम शुरू नहीं होने देंगे।

किसान यूनियन के ग्रामीण अध्यक्ष केहर सिंह और ब्लॉक अध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि अगर बिना मुआवजा दिए किसानों की भूमि पर काम करने की कोशिश की गई तो वह अपनी जमीन पर मरने को तैयार है। सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा सरकार ने तय किया है।

इसी तरह मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। धरने पर धर्मवीर शर्मा, नवल सिंह, लाला प्रधान, अतर सिंह, उदयवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

तहसीलदार-सीओ ने किसानों से की वार्ता
क्षेत्र के गांव रौनी सलौनी में ग्राम प्रधान राकेश भाटी के यहां ग्रामीणों और तहसील प्रशासन के अफसरों की बैठक का आयोजन किया गया।  बैठक में तहसीलदार हीरालाल सैनी तथा सीओ यशवीर सिंह मौजूद रहे। तहसीलदार हीरालाल सैनी ने ग्रामीणों से डेडीकेटिड फेट कॉरीडोर निर्माण को लेकर वार्ता की और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।

एक घंटे चली वार्ता में किसानों ने कहा कि उन्हें जमीन का मुआवजा उचित दर से नहीं दिया जा रहा है जबकि पास स्थित गौतमबुद्धनगर के गांव अस्तौली में उनसे ज्यादा मुआवजा दिया जा रहा है।   इसका मामला कोर्ट में विचाराधीन हैं। तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।

इसके बाद ग्रामीणों ने एडीएम से मिलने की बात कही। गांव रौनी सलौनी के करीब 45 किसानों की जमीन इस कॉरीडोर में जा रही है। तहसीलदार हीरालाल सैनी ने बताया कि किसानों के विरोध के चलते परियोजना के निर्माण में विलंब हो रहा है।  किसानों की समस्याओं का समाधान भी उच्चाधिकारियों के माध्यम से कराया जाएगा।

धरने पर बैठी महिलाओं ने संभाली कमान, काम रुकवाया
थर्मल पावर प्लांट की अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर चार दिनों से धरने पर बैठे महिला किसानों ने शनिवार को कमान संभाल ली। धरना स्थल पर अफसरों के न पहुंचने से महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग को लेकर सड़क निर्माण रुकवाते हुए जमकर हंगामा किया।

मुआवजा तय होने के बाद भी काम शुरू होने की चेतावनी दी। थर्मल पावर प्लांट के तहत 1201एकड़ भूमि को अधिग्रहित किया है। सर्किल रेट से चार गुने अधिक मुआवजे की मांग को लेकर विगत चार दिन शनिवार को चौथे दिन भी किसानों का प्रदर्शन जारी रहा।

चार दिनों से अफसरों के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने से नाराज महिलाओं ने शनिवार को जमकर हंगामा करते हुए पावर प्लांट को बनाई जा रही सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों ने मुआवजा तय होने के बाद काम शुरु किए जाने का एलान किया है।
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धरने में दशहरा, दशहरी, रुकनपुर, जहानपुर, ऊंचागांव के दर्जनो किसान धरने में मौजूद रहे। ज्ञानवती, भंयकर सिंह, विजयपाल, सतीश, संतकुमार, धीरेंद्र, ओमप्रकाश,कुसुम, संतोष,रामेश्वरी, उर्मिला, कृष्णा देवी मौजूद रही।
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