बुलंदशहर। जिले में बारिश का सिलसिला शुरू होने के साथ विभिन्न गांवों, कस्बों व शहरों में चल रहे 300 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य, पाइप लाइन बिछाने समेत अन्य कार्य बंद कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि बारिश के बाद सितंबर माह में इन कार्यों को फिर से शुरू किया जाएगा। ऐसे में सड़क और नाले, पाइप लाइन बिछाने के अधूरे कार्यों के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
जिले में पिछले करीब चार दिन से झमाझम बारिश हो रही है। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के दौरान कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए, जिससे लोगों को परेशानी हो। ऐसे में जिले के 400 से अधिक गांवों में हर घर पेयजल योजना के तहत बिछाई जा रही पेयजल लाइन, शिकारपुर, बुलंदशहर, छतारी, डिबाई, अनूपशहर व नरौरा में बिछाई जा रही पीएनजी गैस पाइप लाइन, नगर की यमुनापुरम काॅलोनी और खुर्जा के वार्ड 22 में 24 घंटे पेयजल योजना के तहत किया जा रहा काम, खानपुर नगर पंचायत क्षेत्र में बिछाई जा रही पेयजल लाइन, शहर के मुख्य बाईपास के चौड़ीकरण का काम समेत अन्य कार्यों पर अब रोक लगा दी गई है। इसके अलावा नगर निकायों, जिला पंचायत, बुलंदशहर विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों में नए कार्यों को शुरू करने में भी देरी होगी। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने बारिश के सीजन के दौरान कुछ कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है, ताकि सीजन खत्म होने के बाद जल्द विकास कार्य शुरू कराए जा सकें।
शासन ने दिए हैं खोदाई पर रोक लगाने के निर्देश
शासन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के सीजन के दौरान खोदाई व निर्माण से संबंधित सभी कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। क्योंकि खोदाई के कार्य के दौरान यदि बारिश होती है तो ऐसी स्थिति में गड्ढों में पानी भरने से बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा बारिश के सीजन में कंक्रीट और तारकोल के कार्य बारिश के दौरान पूरे नहीं किए जा सकते हैं।
बारिश के दौरान किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर सभी कार्यों को फिलहाल रोक दिया गया है। सीजन खत्म होने के बाद ही निर्माण कार्यों को शुरू कराया जाएगा। - राहुल शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
बारिश के कारण करीब तीन करोड़ की लागत के विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। सीजन के बाद इन कार्यों को फिर से शुरू कराया जाएगा। - धर्मजीत त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत